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पत्रकारिता यह पवित्र धर्म है इसलिए इसे कहते है परमो धर्म: - Shiv Amantran | Brahma Kumaris
पत्रकारिता यह पवित्र धर्म है इसलिए इसे कहते है परमो धर्म:

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महाराष्ट्र राज्य समाचार

शिव आमंत्रण, मुंबई। मीडिया की भूमिका बहुआयामी है। आज मीडिया विनाशक एवं हितैषी दोनों भूमिकाओं में सामने आया है। मीडिया अगर सकारात्मक भूमिका अदा करें तो किसी भी व्यक्ति, संस्था, समूह और देश के आर्थिक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनितिक रूप को समृद्ध बना सकती है। आप सभी जानते ही है कि कोरोना काल में भी मीडिया ने जो कत्र्तव्य निभाया है वह अतुलनीय है। विशेष मीडियाकर्मियों के लिए मुंबई में संस्थान के मलाड सेवाकेंद्र द्वारा ऑनलाइन वेबिनर रखा गया जिसे मुख्य अतिथि के तौर पर लोकमत मीडिया ग्रुप के चेयरमैन विजय दर्डा ने संबोधित किया। मीडिया एथिक्स एंड सोशल रेस्पोंसिबिलिटी विषय पर हुए इस कार्यक्रम में आगे फिल्म निर्माता सुभाष घई एवं संस्थान के मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष बीके करूणा ने आज के समाज में मीडिया के योगदान की सराहना की।
इस मौके पर विजय दर्डा ने कहा, आप का सही मालिक पाठक या रीडर है। पत्रकारिता यह पवित्र धर्म है इसलिए पत्रकारिता परमो धर्म कहते है। उसके ऊपर हम चलते है। उसी कारण आज हम आठ करोड लोगों तक पहुंचते है।
फिल्म निर्माता सुभाष घई ने कहा, बात हमे इन्सानियत के मॉरल की कमी पडती है। इस समय याद रखिये बच्चे बहुत ही इंम्पार्टंट आडियन्स है। सतरा, उन्नीस साल के बच्चे आप को सुन रहे है, देख रहे है। वहां अशांति मत फैलाइये। जब आप चाहते है कि यह देश शांत हो, प्रोग्रेस करे तो यह बात ध्यान मे रखना बहुत जरूरी है।
मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष बीके करूणा ने कहा, आध्यात्मिक शिक्षा को पूर्व भारतीय संस्कृति को सारे विश्व के कोने कोने मे पहुंचाने के लिए लगभग भारत मे पंधरह युनिवर्सिटीज हमारे साथ जुडी हुई है। वैल्यू एज्युकेशन के बुक्स बनाकर उनके एज्युकेशन के साथ हम दे रहे है।

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