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खुशी के लिए दिन मे चार बार निकाल सकते है तीन तीन मिनट

खुशी के लिए दिन मे चार बार निकाल सकते है तीन तीन मिनट

महाराष्ट्र राज्य समाचार

शिव आमंत्रण, मुंबई। संस्थान के मलाड सेवाकेंद्र द्वारा लगातार चलाए जा रहे रेसिलिएंस सीरीज के तहत एन्हान्सिंग मेंटल वेल बीइंग विषय पर ऑनलाइन वेबिनार रखा गया जिसमें मुख्य वक्ताओं में मुंबई से प्रख्यात मनोचिकित्सक डॉ. गिरीश पटेल साथ ही म्यूजिक डायरेक्टर दिलीप सेन ने विषय पर प्रकाश डाला। यह आयोजन मलाड सेवाकेन्द्रों की प्रभारी बीके कुंती के निर्देशन में संपन्न हुआ जिसका कई दर्शकों ने लाभ लिया।
मौके पर म्यूजिक डायरेक्टर दिलीप सेन ने कहा, संगीत एक सिध्दि है। सामवेद की रचना हुई तो सबसे पहले संगीत की रचना हुई ऐसा वर्णन है। गायन, वादन, नृत्य इन तीन चीजों से संगीत बनता है।
मनोचिकित्सक डॉ. गिरीश पटेल ने कहा, कोई भी समस्या आये तो उसे मन की स्टैबिलिटी से मैनेज करना है। ऐसी स्थिति हो तब बाहरी वातावरण अच्छा न होते हुए भी आप पॉजिटीव थिंकिंग कर पाओगे,अपने आपको पॉजिटीव रख सकोगे।
मलाड सेवाकेन्द्रों की प्रभारी बीके कुंती ने कहा, ऐसे ही कोई फोन आता है तो आप उठा लेते हो उनसे पांच मिनट या पंधरा पंधरा मिनट बाते करते है। हालांकि मेरे पास समय नही था, लेकिन किसी का फोन आते ही पंधरा मिनट कैसा गया मुझे पता ही नही चला। ऐसे ही मेरा मानसिक व्यायाम मेरा मानसिक खुराक है। उसके लिए मुझे दिन में चार या पांच बार तीन तीन मिनट समय निकालना बडी बात नही है।

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