सभी आध्यात्मिक जगत की सबसे बेहतरीन ख़बरें
ब्रेकिंग
शांतिवन आएंगे मुख्यमंत्री, स्वर्णिम राजस्थान कार्यक्रम को करेंगे संबोधित ब्रह्माकुमारीज़ में व्यवस्थाएं अद्भुत हैं: आयोग अध्यक्ष आपदा में हैम रेडियो निभाता है संकटमोचक की भूमिका भाई-बहनों की त्याग, तपस्या, सेवा और साधना का यह सम्मान है परमात्मा एक, विश्व एक परिवार है: राजयोगिनी उर्मिला दीदी ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय में आन-बान-शान से फहराया तिरंगा, परेड की ली सलामी सामाजिक बदलाव और कुरीतियां मिटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा रेडियो मधुबन
कामठी सेवाकेंद्र स्थापना के बाद सैकड़ों गांवों में निर्माण हुई बीके पाठशालायें - Shiv Amantran | Brahma Kumaris
कामठी सेवाकेंद्र स्थापना के बाद सैकड़ों गांवों में निर्माण हुई बीके पाठशालायें

कामठी सेवाकेंद्र स्थापना के बाद सैकड़ों गांवों में निर्माण हुई बीके पाठशालायें

महाराष्ट्र राज्य समाचार

स्थापना दिन पर प्रेमलता ने दिया आनलाईन मार्गदर्शन

शिव आमंत्रण, नागपुर। ब्रह्माकुमारीज के कामठी सेवा केंद्र का 35 वा स्थापना दिवस कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की शाखा कामठी की नींव सन 1985 में रखी गई। दिवाली का ही समय था और दिन था 3 नवंबर 1985। उस समय पर ना पैसा, ना संसाधन, ना ही शहर में कोई ओम शांति कहने वाले साधक थे। परंतु राजयोगिनी प्रेमलता ने पिछले 35 वर्षों में अथक मेहनत व परिश्रम से समाज के विभिन्न धर्म तथा आयु के लोगों में एक सकारात्मक परिवर्तन का बीड़ा उठाया और आज विद्यालय समाज के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत का कार्य कर रहा है। विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा लोगों के जीवन में नैतिक मूल्य, पारिवारिक मूल्य तथा सामाजिक मूल्य प्रत्यक्ष – अप्रत्यक्ष रूप से धारण कराने का प्रयास किया, राजयोग के माध्यम से तनाव मुक्त जीवन जीने की कला सिखाई। वर्तमान समय में कामठी, रामटेक, पारशिवनी, कन्हान, नगरधन, खापा, खापरखेड़ा, कापसी, भिलगाव, येरखेडा, बिना, गादा, तारसा, गुमथळा आदि स्थानों पर 25 समर्पित बहने सेवा दे रही है । सैकड़ों गांवों में ब्रह्माकुमारीज की पाठशाला हैं। उनका संचालन सद्भावना भवन, रनाला-कामठी के प्रमुख सेवा केंद्र से बीके प्रेमलता करती है। वर्तमान समय कोरोना वायरस के प्रभाव को देखते हुए ऑनलाइन कार्यक्रम रखा गया जिसमें स्थापना दिवस को दीप प्रज्वलन कर तथा शॉल और पौधे गिफ्ट देकर मनाया गया। सभी ब्रह्माकुमारी के साधको ने ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से दीदी को शुभकामनाएं दी। दीदी ने भी सभी का मार्गदर्शन किया एवं सभी को धन्यवाद दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *