सभी आध्यात्मिक जगत की सबसे बेहतरीन ख़बरें
ब्रेकिंग
परमात्मा की छत्रछाया में रहें तोे सदा हल्के रहेंगे: बीके बृजमोहन भाई ईशु दादी का जीवन समर्पण भाव और ईमानदारी की मिसाल था ब्रह्माकुमारीज़ जैसा समर्पण भाव दुनिया में आ जाए तो स्वर्ग बन जाए: मुख्यमंत्री दिव्यांग बच्चों को सिखाई राजयोग मेडिटेशन की विधि आप सभी परमात्मा के घर में सेवा साथी हैं थॉट लैब से कर रहे सकारात्मक संकल्पों का सृजन नकारात्मक विचारों से मन की सुरक्षा करना बहुत जरूरी: बीके सुदेश दीदी
विद्यालय विश्व शांति और कल्याण के लिए सराहनीय कार्य कर रहा - Shiv Amantran | Brahma Kumaris
विद्यालय विश्व शांति और कल्याण के लिए सराहनीय कार्य कर रहा

विद्यालय विश्व शांति और कल्याण के लिए सराहनीय कार्य कर रहा

उत्तराखंड राज्य समाचार
  • श्रीनगर गढ़वाल में अयोध्या के संतों का सम्मान समारोह आयोजित

शिव आमंत्रण, श्रीनगर( उत्तराखंड)। ब्रह्माकुमारीज़ के श्रीनगर गढ़वाल सेवाकेंद्र पर श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या से विभिन्न पीठों से पहुंचे पांच महंतों एवं 70 ब्रह्मचारियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अयोध्या नगरी से राजा दशरथ चक्रवर्ती राज महल के महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य महाराज (बड़े सरकार) ने कहा कि विश्व शांति एवं मानव जगत में विश्व कल्याण की अलख जगाने के लिए जो काम ईश्वरीय विवि द्वारा किया जा रहा है, वह सराहनीय है। रामजन्म भूमि निर्माण न्यास के पूर्व अध्यक्ष एवं भारत साधु समाज के महामंत्री महंत जन्मेजयशरण महाराज ने कहा कि ईश्वरीय शक्ति मिलना मानव के लिए बड़ी बात है। ईश्वरीय शक्ति अदृश्य होकर भी मिलती है। विवि के भाई-बहनों के त्याग और तपस्या का परिणाम है कि लोग आज ईश्वरीय शक्ति की खोज में आगे आ रहे हैं। जगतगुरु श्री रामदिनेशाचार्य ने वेद-गीता के मूल तत्वों से अवगत कराते हुए कहा कि जीवन में त्याग होगा तभी शांति होगी। त्याग-तपस्या ही शांति का प्रतीक है। महंत अवधेश दास महाराज ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यूपी के सीएम भी देवभूमि से हैं। महंत नागा रामलखन दास ने भी अपने विचार रखे। माउंट आबू से पधारे धार्मिक प्रभाग के कोऑर्डिनेटर बीके रामनाथ भाई, बीके मेहरचंद भाई, दिल्ली से बीके राजेश्वरी दीदी, बीके उषा दीदी, बीके सरिता दीदी, बीके नीलम दीदी, बीके मुकेश भाई ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *