सभी आध्यात्मिक जगत की सबसे बेहतरीन ख़बरें
ब्रेकिंग
खुश होकर और प्रभु की याद में करें भोजन: बीके बाला बहन परमात्मा की छत्रछाया में रहें तोे सदा हल्के रहेंगे: बीके बृजमोहन भाई ईशु दादी का जीवन समर्पण भाव और ईमानदारी की मिसाल था ब्रह्माकुमारीज़ जैसा समर्पण भाव दुनिया में आ जाए तो स्वर्ग बन जाए: मुख्यमंत्री दिव्यांग बच्चों को सिखाई राजयोग मेडिटेशन की विधि आप सभी परमात्मा के घर में सेवा साथी हैं थॉट लैब से कर रहे सकारात्मक संकल्पों का सृजन
राज्यपाल ने किया कर्नाटक नशामुक्त भारत अभियान का शुभारंभ - Shiv Amantran | Brahma Kumaris
राज्यपाल ने किया कर्नाटक नशामुक्त भारत अभियान का शुभारंभ

राज्यपाल ने किया कर्नाटक नशामुक्त भारत अभियान का शुभारंभ

कर्नाटक राज्य समाचार

शिव आमंत्रण,बैंगलुरु (कर्नाटक) ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा चलाए जा रहे देशव्यापी नशा मुक्त भारत अभियान का कर्नाटक का राज्य स्तरीय शुभारंभ ब्रह्माकुमारीज, दिव्य बुद्धि अकादमी, बन्नेरघट्टा रोड, गोटीगेरे, बेंगलुरु में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने किया। राज्यपाल ने कहा कि भारत और दुनियाभर में लोग ब्रह्माकुमारियों और उनके आदर्शों से अच्छी तरह से परिचित हैं। ब्रह्माकुमारीज के कार्यक्रमों से हमेशा अभिभूत रहा हूं। पूरी दुनिया में अपनी मौजूदगी वाला एक संगठन व्यक्तित्व विकास, मानवता, व्यक्तिगत परिवर्तन और विश्व नवीकरण के लिए समर्पित है। जिससे सभी को एक सफल और सार्थक जीवन जीने
में मदद मिलती है। उन्होंने विश्व के आध्यात्मिक संगठनों के बीच अपना एक स्थान और पहचान स्थापित की है। नशा मुक्त भारत अभियान पूरे भारत में चलाया जा रहा है। नशा व्यक्ति, परिवार और समाज को विनाश की ओर ले जाता है।
यह हमें विकास की बजाय विनाश की ओर ले जाता है। इसलिए सिर्फ खुद को ही नहीं दूसरों को भी बचाना बहुत जरूरी है। नशामुक्त होने के साथ-साथ परिवार, समाज और देश को भी मुक्त बनाएं एक व्यसन-मुक्त भारत सरकार, राज्य इसी उद्देश्य से सरकार और ब्रह्माकुमारीज ने यह अभियान शुरू किया है।

राज्यपाल ने कहा कि तनावपूर्ण आधुनिक जीवन शैली व्यक्ति को नशे की ओर धकेलती है और इसे रोकने के लिए यह नितांत आवश्यक है कि इसकी शुरुआत अपने घर से ही करनी होगी। यह काम परिवार द्वारा, सभी पीढ़ियों पर ध्यान देकर किया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति के दृष्टिकोण या व्यवहार में कोई बदलाव आता है तो हमें यह जांचना चाहिए कि कहीं वह व्यक्ति नशे की ओर तो नहीं बढ़ रहा है। इस प्रकार, इस समस्या से निपटने के लिए एक बहुत ही व्यावहारिक और आसान दृष्टिकोण लाया जा रहा है। उन्होंने किसी व्यक्ति/छात्र पर इस लत के कारण और प्रभाव की गहराई में जाकर बताया कि कैसे यह लत किसी के जीवन की गुणवत्ता में नकारात्मकता और गिरावट लाती है। बता दें कि राज्यपाल गहलोत के पास सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भी था। 7 वर्षों तक आपने नशा मुक्ति कार्यक्रम बनाए और लागू किए और समाज को व्यसनों से मुक्त करने का प्रयास किया। उन्होंने कई पुनर्वास का दौरा भी किया है।
राज्यपाल ने कहा कि अपने विचार शक्ति के माध्यम से कोई भी कुछ भी हासिल कर सकता है और सफलता प्राप्त कर सकता है। एक शक्तिशाली विचार भी हमें बना सकता है व्यसन-मुक्त। यह सिर्फ एक लत नहीं है, बल्कि अगर हमारी कोई और भी आदत है जिसे हम छोड़ना चाहते हैं तो हम अपनी ताकत के जरिए ऐसा कर सकते हैं। मैंने अपने विभाग के माध्यम से पंजाब क्षेत्र में 28 नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए हैं। ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें इनसे लाभ हुआ। समस्त सभा ने नशामुक्ति की शपथ/प्रतिज्ञा ली। नशीली दवाओं को ना कहें और जीवन को हाँ कहें।

ब्रह्माकुमारीज़ के कार्यकारी सचिव राजयोगी डॉ. बीके मृत्युंजय और एडीआरएम (ए), एसडब्ल्यू रेलवे कुसुमा हरिप्रसाद ने सभी प्रकार की लत और नशामुक्ति के लाभों पर बात की। मेडिकल विंग के कार्यकारी सचिव डॉ. बीके बनारसीलाल शाह ने कहा कि संस्था के भाई-बहनें पूरे उत्साह के साथ अभियान को गति देने में जीजान से जुटे हैं। माइंड ट्रेनर डॉ. बीके सचिन परब द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के लक्ष्य और उद्देश्य बताया। वीवी पुरम, बेंगलुरु सबज़ोन प्रभारी राजयोगिनी बीके अंबिका दीदी ने संचालन किया। कार्यक्रम में आसपास के क्षेत्रों से आए तीन हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया। इसके बाद लोगों को संदेश देने के लिए बाइक रैली निकाली गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *