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धरती को बचाना है तो अध्यात्म का सहारा लो अध्यात्मिक शक्ति से युवाओं को आगे बढ़ाओ - Shiv Amantran | Brahma Kumaris
धरती को बचाना है तो अध्यात्म का सहारा लो अध्यात्मिक शक्ति से युवाओं को आगे बढ़ाओ

धरती को बचाना है तो अध्यात्म का सहारा लो अध्यात्मिक शक्ति से युवाओं को आगे बढ़ाओ

मध्य प्रदेश राज्य समाचार

ऑनलाइन वेबिनार में व्यक्त विचार

शिव आमंत्रण, मण्डला। मध्य प्रदेश में ब्रह्माकुमारीज़ के मंडला सेवाकेंद्र और युवा प्रभाग द्वारा यूथ फॉर ग्लोबल पीस प्रोजेक्ट के तहत प्रकृति और योग विषय पर ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में सेवाकेंद्र प्रभारी और युवा प्रभाग की ज़ोनल कॉर्डिनेटर बीके ममता ने विषय पर विस्तार से बताते हुए कहा, कि धरती को प्रदुषण से बचाना है तो हमें आध्यात्म का सहारा लेना ही होगा, साथ ही युवाओं में आध्यात्मिक शक्ति को बढ़ाना होगा।
पड़ाव वार्ड सेंटर प्रभारी बीके ओमलता ने बताया, कि विचारों का प्रभाव प्रकृति पर पड़ता है इसलिए प्रकृति को तमोप्रधान से सतोप्रधान बनाने के लिए विचारों को सकारात्मक बनाना होगा।
ब्रह्माकुमारीज के मंडला की क्षेत्रीय संचालिका एवम युवा प्रभाग की जोनल कॉर्डिनेटर बीके ममता ने कहा, धरती को प्रदूषण से बचाना है तो हमें अध्यात्म का सहारा लेना ही होगा और साथ ही युवाओं में अध्यात्मिक शक्ति को बढ़ाना होगा। यूथ फॉर ग्लोबल पीस प्रोजेक्ट में विशेष युवाओं को चुना गया है, ताकि युवाओं के अंदर मानसिक सशक्तिकरण कर सकें और अपने जैसे हमजिन्स को भी तैयार कर भारत को पुन: स्वर्णिम भारत बना सके। जो प्रकृति आज तमोप्रधान हो चुकी है उसे योग के माध्यम से हम सुखदाई बनाकर स्वर्णिम भारत बना सकते हैं। बीके ओमलता के द्वारा प्रकृति एवं योग के आत्मिक संबंधों की विस्तार से जानकारी दी गई। बीके सुकृति ने प्रकृति को पंचतत्व का युग्म बता कर प्रकृति के विषय में विस्तार से जानकारी दी और साथ प्रकृति को योगदान देकर कैसे हरा भरा बनाया जाए इसके लिए प्रैक्टिकल योग की अनुभूति कराई। वेबीनार के माध्यम से निलेश कटारे के द्वारा नर्मदा संरक्षण एवं प्रकृति के संरक्षण में युवाओं को आगे आने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर इको क्लब प्रभारी आरके छतरी के द्वारा प्रकृति को बचाने हेतु समाज को प्रथम पंक्ति में सभी आकर तन मन धन से प्रकृति को बचाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्राचार्य श्री कमलेश अग्रहरि द्वारा लोगों को नर्मदा की शुद्धता एवं पॉलीथिन से दूर करने हेतु अपील की गई। वेबीनार का संयोजन बीके प्रिन्स के द्वारा किया गया।

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