सभी आध्यात्मिक जगत की सबसे बेहतरीन ख़बरें
ब्रेकिंग
वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ब्रह्माकुमारीज़ की भूमिका महत्वपूर्ण है: केंद्रीय मंत्री शेखावत देश-विदेश का हर युवा राजयोग करेगा तो वर्तमान परिस्थितियां नहीं देखनी पड़ेगी साढ़े तीन साल में साढ़े सात करोड़ लोगों को दिलाया नशामुक्ति का संकल्प शांति के नए युग की स्थापना में सेतु बने मीडिया : मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मोहिनी दीदी तकनीक के साथ पत्रकारिता के मूल सिद्धांत जरूरी: मधुकर द्विवेदी हम अंदर से ब्रांडेड बनें और हमारे कंटेंट से समाज को नई दिशा मिले: सरफराज सैफी ब्रह्माकुमारीज़ ने नेपाल आपदा में की एक करोड़ एक लाख रुपये की सहायता
स्वस्थिति से प्राप्त होती है हर समस्या पर जीत

स्वस्थिति से प्राप्त होती है हर समस्या पर जीत

उत्तर प्रदेश राज्य समाचार
  • कबाडी बाबा ने कहा, जिसकी सोच महान है वही महान है
  • जीवन की समस्याओं का समाधान: गीता ज्ञान पर बीके शान्ता के विचार

शिव आमंत्रण, हाथरस। गीता जयंती के उपलक्ष्य में यूपी के हाथरस स्थित आनन्दपुरी कॉलोनी सेवाकेन्द्र पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसका विषय ‘जीवन की समस्याओं का समाधान – गीता ज्ञान’ था। कार्यक्रम का उद्घाटन भारत गौरव संस्थान के अध्यक्ष कबाड़ी बाबा, डॉ. प्रदीप जिंदल, उद्योगपति अरविन्द अग्रवाल, स्थानीय सेवाकेन्द्र प्रभारी बीके शान्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मौके पर बीके शान्ता ने कहा, काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार ये परधर्म है जिसमे स्थित होने से दु:ख और अशान्ति प्राप्त होती है। शान्ति, प्रेम, आनन्द, पवित्रता और शक्ति यह आत्मा का स्वधर्म है जिसमे स्थित होने से जीवन में शान्ति होती है। इससे स्वस्थिति प्राप्त होती है और उससे किसी भी समस्या पर जीत पा सकते है।

सभा को संबोधित करते हुए कबाडी बाबा एवम् उपस्थित श्रोतागण।

बीके दिनेश ने बताया, वास्तविक धर्मग्लानी का समय अभी है जब सम्पूर्ण मानवजाति धर्मभ्रष्ट, कर्मभ्रष्ट होकर स्वार्थांध होकर पापकर्मों की ओर बढ़ चुकी है। वहाँ तो एक दु:शासन की बात है लेकिन यहां हजारो, लाखो दु:शासन बने हुए है। यह सब बाते मन के क्षेत्र पर निर्माण होती है और बाहर असरदिखाती है इसलिए श्रेष्ठ विचार देकर मन को इन विकारों से मुक्त कर विश्व को नई दिशा देने के लिए परमात्मा शिव अवतरीत होने का यही समय है। उसे पहचान कर इस ज्ञान से अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाओ, दु:ख-अशान्ति से मुक्त हो खुशहाल जीवन प्राप्त करो। स्वामी विवेकानन्द ने भी कहा है कि मनुष्य मन मे चल रहे युध्द की जगह गीता में स्थुल युध्द दिखाया है।
कबाडी बाबा ने कहा, जिसकी सोच महान है वही महान है। ब्रह्माकुमारीं द्वारा समाज को दिया जानेवाला ज्ञान सर्वश्रेष्ठ है, इसे हर एक अपने जीवन मे अपनाये और जीवन दिव्य बनाये।
आगन्तुकों का पीतवस्त्रों द्वारा स्वागत पूर्व फौजी भीमसेन द्वारा किया गया।
बालिका रमा द्वारा ‘घर मंदिर से नही हो कम’ भावनृत्य प्रस्तुत किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *