सभी आध्यात्मिक जगत की सबसे बेहतरीन ख़बरें
ब्रेकिंग
देशभर से पहुंचे आईटी प्रोफेशनल्स सीख रहे स्ट्रैस फ्री लाइफ के मंत्र परमात्मा हमें सर्व बंधनों से छुड़ाकर श्रीकृष्ण की दुनिया में चलने के लायक बना रहे: बीके ऊषा दीदी आंतरिक शक्ति, दृढ़ संकल्प और परमात्म स्मृति से होगी सच्ची रक्षा: बीके रुक्मणी दीदी पवित्रता के बंधन में बंधने का संदेश देता है रक्षा बंधन: राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी अपने लेखन से समाज को नई दिशा और राह दिखाएं: महासचिव राजयोगी करुणा भाई ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय में झंडावंदन कर ली परेड की सलामी परमात्म स्मृति सही निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है: राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी
मेडिटेशन से लक्ष्य पर फोकस करने में मिलती है मदद: डॉ. मिड्‌ढा

मेडिटेशन से लक्ष्य पर फोकस करने में मिलती है मदद: डॉ. मिड्‌ढा

मुख्य समाचार

– पुणे की कॉप यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों का टूर पांच दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर शांतिवन पहुंचा
– पहले दिन विद्यार्थियों ने समझीं राजयोग मेडिटेशन की बारीकियां

शिव आमंत्रण, आबू रोड।
 विद्यार्थी जीवन में सबसे जरूरी है एकाग्रता। जब हम एकाग्रता के साथ अपने लक्ष्य को पाने के लिए प्रयास करते हैं तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। मेडिटेशन से हमारे ब्रेन की कार्यक्षमता बढ़ती है। लक्ष्य पर फोकस कर पाते हैं। आप सभी भविष्य में जिस कार्यक्षेत्र में रहेंगे लेकिन जीवन में सबसे अहम है मानसिक शांति, सुकून वह मेडिटेशन से मिलता है। यह बात ग्लोबल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. प्रताप मिड्‌ढा ने कही। वह ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मनमोहिनीवन परिसर स्थित ग्लोबल ऑडिटोरियम में पुणे की कॉप यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक भ्रमण पर पहुंचे विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। शिक्षा प्रभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन पर हमारे आगे के जीवन का आधार होता है। इसलिए इस समय को अपनी स्व उन्नति में पूरी तरह समर्पित कर दें।

कार्यक्रम में मौजूद पुणे से पहुंचा विद्यार्थियों का दल। 

वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका डॉ. सविता बहन ने कहा कि अपनी जिंदगी में राजयोग मेडिटेशन को शामिल करने से आपकी पढ़ाई आसान हो जाएगी। राजयोग से हमारा मन सशक्त होता है। सशक्त मन का व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में सफल होता है। भौतिक शिक्षा के साथ हमें मन को समझने की शिक्षा, अध्यात्म और योग की शिक्षा लेना जरूरी है।
शिक्षा प्रभाग की मुख्यालय संयोजिका बीके शिविका बहन ने कहा कि आप सभी पांच दिन तक यहां के आध्यात्मिक वातावरण का पूरी तरह से लाभ लें। यहां से ज्यादा से ज्यादा सीखकर जाएं जो आपको पूरी जिंदगी मार्गदर्शन करेगा। आध्यात्मिक ज्ञान हमारे व्यक्तित्व को कुंदन सा निखारकर उसे दीपक की तरह प्रकाशित कर देता है। जीवन में हम कितनी भी तरक्की कर लें लेकिन सबसे पहले एक अच्छा, नेक इंसान जरूर बनें। इस मौके पर पुणे से आए विद्यार्थी, शिक्षकगण और कॉप यूनिवर्सिटी का स्टाफ मौजूद रहा। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *