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गुणों और विशेषताओं को धारण करना ही होगा उनका सच में स्मृतिदिन मनाना

गुणों और विशेषताओं को धारण करना ही होगा उनका सच में स्मृतिदिन मनाना

कर्नाटक राज्य समाचार

स्वामी शिवशंकरा शिवयोगी के उद्गार

शिव आमंत्रण, चिकमगलूर। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की आदि रत्नों में से एक राजयोगिनी दादी हृदयपुष्पा की 25वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में कर्नाटक के चिकमगलूर सेवाकेंद्र पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर करादि गवि मठ के स्वामी श्री श्री शिवशंकरा शिवयोगी, असिस्टेंट कमीश्नर डॉ. एच एल नागराज, सेवाकेंद्र प्रभारी बीके भाग्यलक्ष्मी ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरूआत की जिसके बाद बीके भाग्यलक्ष्मी ने दादी की विशेषताओं के बारे में बताते हुए उनके साथ बीतें पलों को अनुभवों के रूप में भी साझा किया।
कार्यक्रम में मौजूद स्वामी शिवशंकरा शिवायोगी ने कहा, कि ये मेरा परम सौभाग्य है जो मैं यहां दादी के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित हुआ हूं, हमें उनके गुणों और विशेषताओं को स्वयं में धारण करना ही सच में उनका स्मृतिदिन मनाना होगा। वहीं डॉ. एचएल नागराज ने दादी को सभी बीके सदस्यों के लिए रोल मॉडल बताया।

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