सभी आध्यात्मिक जगत की सबसे बेहतरीन ख़बरें
ब्रेकिंग
स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी दक्षता के साथ मानसिक- आध्यात्मिक संतुलन जरूरी तीरंदाजी में युवाओं ने दिखाए करतब, दिव्यांगों ने भी साधा निशाना ब्रह्माकुमारीज़ का मैनेजमेंट सराहनीय है: डॉ. सावंत ब्रह्माकुमारीज़ का नशामुक्त भारत अभियान सराहनीय है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मम्मा कहती थीं हर घड़ी अंतिम घड़ी है: राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी प्राणायाम और राजयोग से दिया तन-मन को स्वस्थ रखने का संदेश ब्रह्माकुमारीज़ के इतिहास में एक नया अध्याय लिख गईं दादी रतनमोहिनी
यशोशिखर पर पहुंचा हर आदमी दिखाई देगा  योग करते

यशोशिखर पर पहुंचा हर आदमी दिखाई देगा योग करते

दिल्ली राज्य समाचार

ब्रह्माकुमारीज के बिजनेस इ कांन्फ्रे न्स में व्यक्त विचार

शिव आमंत्रण, दिल्ली । स्पिरिचुअल सोल्यूशंस फॉर स्टेबिलिटी एंड सक्सेस इन बिजनेस विषय के तहत दिल्ली के हरिनगर सेवाकेन्द्र द्वारा इ कांन्फ्रे न्स आयोजित की गई। इस कांफे्रन्स में मुख्य अतिथियों में केन्या से प्रख्यात उद्योगपति निज़ार जुमा, जालंदर से डॉ. हरभजन बरिच, लार्सन एंड टूब्रो के बिजनस हेड प्रदीप बजाज, एमजी मोटर्स के नेशनल सेल्स हेड राकेश सिडाना और सियाराम के चेयरमैन रमेश पोद्दार ने अपने विचार व्यक्त किए।
निजार जुमा ने कहा, हमको अच्छी तरह से जीने के लिए तीन चीजे याद रखनी पडेगी। पहला आपको ब्रीज खेलने की आदत होनी चाहिए वो पैसों के साथ नही, दूसरा गोल्फ – वहां भी वही बात यूज होती है और तीसरा है मेडिटेशन। हर एक यशोशिखर पर पहुंचा हुआ आदमी आप गुगल पर जाकर देखेंगे तो कोई ना कोई प्रकार से योग करता हुआ दिखाई देगा।
प्रदीप बजाज ने कहा, हमारी जनरेशन ने आजतक इस तरह की आरोग्य और आर्थिक आपातकाल की इमेर्जन्सी नही देखी थी। इसलिए इससे निजात पाने के लिए एक दूसरे के साथ अपने अनुभव शेअर करे और आगे बढ़े।
रमेश पोद्दार ने कहा, जब हमारे बहुत सारे लोग डिप्रेशन में चले गये थे या डर के भाव में आ गये थे तो ब्रह्माकुमारी संस्थान, जिनसे मेरा बहुत सालों से परिचय है लोगों के जिंदगी को सुधारने के लिए और उनके जीवन में खुशियां लाने के लिए बहुत सारे प्रोग्राम करते है लेकिन खास करके ये पांच छे महिनों में उन्होने हमारी इमोशनल इम्युनिटी को ठीक करने के लिए जितना काम किया है वह इतना सराहनीय है और उसका इतना लाभ हमारी जनता को, हम सबको मिला है जिसको मै शब्दों में वर्णन नही कर सकता।
डॉ. हरभजन बरिच ने कहा, पहली बात है मेरी सोच और फिर दूसरी बात है मेरी आर्गेनायजेशन के जो लोग है उनको साथ लेकर चलते है, उनको भी पॉजिटीव बनाते है तो उससे वर्क एनर्जी भी बढ़ती है और खुशी भी आती है।
व्यापार की चुनौतियों को सहज पार करने के लिए आध्यात्मिक शक्तियों की आवश्यकता होती है जो कि व्यक्ति के आंतरिक स्वरूप में निहित हैं जिसको हम राजयोग के माध्यम से उजागर कर सकते हैं इसकी जानकारी आगे गरीनगर सेवाकेन्द्रों की प्रभारी बीके शुक्ला, हैदराबाद से वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके राधिका एवं मुख्यालय से वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षक बीके सूरज ने उद्बोधित किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *