सभी आध्यात्मिक जगत की सबसे बेहतरीन ख़बरें
ब्रेकिंग
स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी दक्षता के साथ मानसिक- आध्यात्मिक संतुलन जरूरी तीरंदाजी में युवाओं ने दिखाए करतब, दिव्यांगों ने भी साधा निशाना ब्रह्माकुमारीज़ का मैनेजमेंट सराहनीय है: डॉ. सावंत ब्रह्माकुमारीज़ का नशामुक्त भारत अभियान सराहनीय है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मम्मा कहती थीं हर घड़ी अंतिम घड़ी है: राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी प्राणायाम और राजयोग से दिया तन-मन को स्वस्थ रखने का संदेश ब्रह्माकुमारीज़ के इतिहास में एक नया अध्याय लिख गईं दादी रतनमोहिनी
कामठी सेवाकेंद्र स्थापना के बाद सैकड़ों गांवों में निर्माण हुई बीके पाठशालायें

कामठी सेवाकेंद्र स्थापना के बाद सैकड़ों गांवों में निर्माण हुई बीके पाठशालायें

महाराष्ट्र राज्य समाचार

स्थापना दिन पर प्रेमलता ने दिया आनलाईन मार्गदर्शन

शिव आमंत्रण, नागपुर। ब्रह्माकुमारीज के कामठी सेवा केंद्र का 35 वा स्थापना दिवस कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की शाखा कामठी की नींव सन 1985 में रखी गई। दिवाली का ही समय था और दिन था 3 नवंबर 1985। उस समय पर ना पैसा, ना संसाधन, ना ही शहर में कोई ओम शांति कहने वाले साधक थे। परंतु राजयोगिनी प्रेमलता ने पिछले 35 वर्षों में अथक मेहनत व परिश्रम से समाज के विभिन्न धर्म तथा आयु के लोगों में एक सकारात्मक परिवर्तन का बीड़ा उठाया और आज विद्यालय समाज के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत का कार्य कर रहा है। विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा लोगों के जीवन में नैतिक मूल्य, पारिवारिक मूल्य तथा सामाजिक मूल्य प्रत्यक्ष – अप्रत्यक्ष रूप से धारण कराने का प्रयास किया, राजयोग के माध्यम से तनाव मुक्त जीवन जीने की कला सिखाई। वर्तमान समय में कामठी, रामटेक, पारशिवनी, कन्हान, नगरधन, खापा, खापरखेड़ा, कापसी, भिलगाव, येरखेडा, बिना, गादा, तारसा, गुमथळा आदि स्थानों पर 25 समर्पित बहने सेवा दे रही है । सैकड़ों गांवों में ब्रह्माकुमारीज की पाठशाला हैं। उनका संचालन सद्भावना भवन, रनाला-कामठी के प्रमुख सेवा केंद्र से बीके प्रेमलता करती है। वर्तमान समय कोरोना वायरस के प्रभाव को देखते हुए ऑनलाइन कार्यक्रम रखा गया जिसमें स्थापना दिवस को दीप प्रज्वलन कर तथा शॉल और पौधे गिफ्ट देकर मनाया गया। सभी ब्रह्माकुमारी के साधको ने ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से दीदी को शुभकामनाएं दी। दीदी ने भी सभी का मार्गदर्शन किया एवं सभी को धन्यवाद दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *