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भक्तों को नवरात्रि में होती है अपार शक्ति की अनुभूति

भक्तों को नवरात्रि में होती है अपार शक्ति की अनुभूति

बिहार राज्य समाचार

शिव आमंत्रण,मोतिहारी बिहार नगर के हिन्दी बाजार सेवा केंद्र पर दुर्गा पूजा के अवसर पर चैतन्य झांकी सजाई गई उक्त अवसर पर अरेराज सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके मीना ने दुर्गा पूजा के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए कहा, कि माँ दुर्गा शक्ति की प्रतीक है तथा नारी को शिव की शक्ति कहा जाता है । 9 दिनों तक जो दुर्गा पूजा की परंपरा है वह शक्ति के नौ रूपों की आराधना होती है। भक्तों को इस अवधि में अपार शक्ति की अनुभूति होती है। बीके अशोक वर्मा ने कहा, कि परमात्मा का संदेश जन- जन तक पहुंचाने वाले तमाम ब्रह्मा वत्स मीडिया का ही कार्य कर रहे हैं । अभी मुख्य संदेश यह है की भारत भूमि पर परमात्मा का अवतरण हो चुका है और वे अपनी शक्तियों के द्वारा भारत को स्वर्ग बना रहे हैं। अब परिवर्तन की बेला है और दुनिया की स्थिति दिनोदिन नाजुक होती जा रही है। जो लोग परमपिता परमात्मा से अपना संबंध जोड़ लेंगे एवं उनके सत्य मार्गपर चलेंगे, उनका जीवन सुखमय रहेगा। वे हर परिस्थिति में सुरक्षित रहेंगे बीके वीभा ने कहा, कि शिव शक्ति दुर्गा ने अपने योग की शक्ति से असूरों का संहार किया। दशहरा में 10 सिर वाले रावण को जलाने का रहस्य यह है कि पांच विकार पुरूष और पांच विकार नारी का प्रतीकात्मक है, वह भस्म किया जाता है। चैतन्य झांकी कार्यक्रम में उपस्थित तमाम ब्रह्मा वत्सो ने माँ दुर्गा की आरती उतारी। मौके पर पधारे विशेष रुप से बीके मीना के साथ तमाम बहनों का चुनरी ओढ़ाकर एवं मुकूट पहनाकर सम्मान किया गया। दुर्गा के रूप मे बीके संध्या ने शक्ति और दिव्यता का प्रकंपन दिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अवकाश प्राप्त अभियंता आरके गुप्ता, सज्जन सिंघानिया, पूनम बहन, अनीता बहन, सानवी, मुक्ता, डॉ. श्रीमती अंजू वर्मा, रंजन कुमार, वीरेंद्र भाई, आशा माता व अन्य मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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