सभी आध्यात्मिक जगत की सबसे बेहतरीन ख़बरें
ब्रेकिंग
ब्रह्माकुमारीज़ के इतिहास में एक नया अध्याय लिख गईं दादी रतनमोहिनी नारी केवल शक्ति का रूप नहीं, बल्कि वह समाज की शिल्पी है: बीके ऊषा दीदी गौरवपूर्ण वृद्धावस्था और सम्मानित जीवन हमारी संस्कृति है: केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार आने वाले समय में ब्रह्माकुमारीज़ विश्व शांति के प्रयासों का प्रमुख केंद्र होगा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनसंचार की नींव है पारदर्शिता और विश्वास 27 साल में थ्रीडी हेल्थ केयर से 12 हजार हृदय रोगी हुए ठीक राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने राष्ट्रीय मीडिया महासम्मेलन 2025 का किया उदघाटन
जलवायु परिवर्तन के लिए ओपी अग्रवाल ने पेश किया मॉडल

जलवायु परिवर्तन के लिए ओपी अग्रवाल ने पेश किया मॉडल

छत्तीसगढ़ राज्य समाचार

शिव आमंत्रण, अंबिकापुर। वर्तमान समय आंतकवाद से भी ज्यादा गम्भीर समस्या जलवायु परिवर्तन की है। इस समस्या की गम्भीरता को देखते हुए वृक्षपति ओ.पी. अग्रवाल ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक मॉडल प्रस्तुत किया जिसकी जानकारी स्वयं ओम प्रकाश अग्रवाल ने ब्रह्माकुमारीज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वीडियो मैसेज के द्वारा दी।
दरअसल जलवायु परिवर्तन को लेकर बह्माकुमारीज संस्थान के अंबिकापुर सेवाकेंद्र द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिसमें वन व जलवायु के क्षेत्र में कार्य करने वाले कई अधिकारी शामिल हुए जिन्हें ओपी अग्रवाल के इस मॉडल की जानकारी दी गई आगे मौजूद अधिकारीयों ने भी अपने अपने सुझाव दिये तथा ब्रह्माकुमारीज संस्थान के इस सामाजिक सरोकार कार्यक्रम की प्रशंसा भी की।
वृक्षमित्र ओ. पी. अग्रवाल ने कहा, कि 2 एकड़ से कम जमीन के लिए इस मॉडल का निर्माण किया गया हैं। जिसमें एक तालाब, विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे, खेती, वनस्पति एवं मछलियों का भी उत्पादन किया जाता हैं। ऐसा मॉडल देश-विदेश मे होना चाहिये, जिससे देश का विकास बहुत ही तेजी से होगा।
कृषि एग्जीक्यूटिव एवं ब्रह्माकुमारीज के ग्राम विकास प्रभाग के राजेश देव ने कहा, वर्तमान समय मे विश्वभर की सबसे बड़ी समस्या जलवायु परिवर्तन हैं। इस समस्या से भारत के किसानों को बचाने के लिये, उनकी आजीविका ठीक बनी रहे इसके लिये हमें जलवायु परिवर्तन को रोकने की ठीक तरह से सामना करने की, परीक्षण को एवं जागरूकता को लेकर पूरे देश को तैयार होना पड़ेगा। उन्होंने कहा, कि जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिये ब्रह्माकुमारी द्वारा सिखाये जा रहे यौगिक खेती के विधियों को जानने से इस समस्या का निदान सम्भव है।
पूर्व कुलपति रोहिणी प्रसाद ने कहा, कि जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिये ओ. पी. अग्रवाल द्वारा बनाया गया यह एक ऐसा मॉडल हैं जो देश, समाज और लोगों के लिये कार्यरत सिद्ध होगा। ऐसे ही गांव में भी यदि 1 एकड से भी कम जमीन हैं तो झील और पेड़-पौधों आदि के माध्यम से खेती भी कर सकते हैं और पूरे सालभर के लिये खर्च भी निकाल सकते हैं। यह मॉडल आने वाली पीढ़ी के लिये भी एक पाठ बन सकता हैं।
फिल्म निर्माता एवं अभिनेता आनन्द कुमार गुप्त ने कहा, कि जलवायु परिवर्तन को रोकने लिये सबसे ज्यादा जरूरत हैं लोगों में जागरूकता लाने की। ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा या सिनेमा द्वारा इस अभियान को जन- जन तक पहुँचाया जा सकता है।
सरगुजा संभाग की प्रभारी बीके विद्या ने इस दौरान जलवायु परिवर्तन के कारणों में से एक लाईफस्टाइल में परिवर्तन और अंधाधुंध पेड़ों की कटाई को बताया। कार्यक्रम का संचालन सरगुजा संभाग की भारत कृषक समाज की लक्ष्मी गुप्ता महामंत्री ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *