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आत्मा की ज्योति जगाना ही है सच्ची दिवाली मनाना

आत्मा की ज्योति जगाना ही है सच्ची दिवाली मनाना

दिल्ली राज्य समाचार

दिवाली के स्नेह मिलन कार्यक्रम मे बीके बृजमोहन के विचार

शिव आमंत्रण, गुरुग्राम। ओम शांति रिट्रीट सेंटर में दीपावली के शुभ अवसर पर दिल्ली और एनसीआर के विशेष आमंत्रित बीके भाई – बहनों के लिए आयोजित स्नेह मिलन कार्यक्रम में बोलते हुए संस्था के अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन ने अपनी शुभ कामनाएँ व्यक्त करते हुए कहा, कि दीवाली को रोशनी का त्यौहार माना जाता है, लेकिन सच्ची दिवाली मनाना अर्थात आत्मा की ज्योति जगाना। उन्होंने कहा, कि जैसे सूर्य के निकलने से दिन हो जाता है, ठीक इसी तरह ज्ञान सूर्य परमात्मा के आने से ही ज्ञान दिन होता है। उन्होंने कहा, कि परमात्मा द्वारा आत्माओं के ज्ञान दीपक जगाने का यादगार ही वास्तव में दीपावली है।
इस अवसर पर ओआरसी की निदेशिका बीके आशा ने कहा, कि दीवाली पर सभी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखते हैं, लेकिन सबसे पहले मन की स्वच्छता बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा, कि परमात्मा की याद की शक्ति और पवित्रता का बल ही हमारा असली सुरक्षा कवच है। वर्तमान समय के अनुसार समेटने की शक्ति, एकाग्रता की शक्ति एवं एकता की विशेष आवश्यकता है।
इस विशेष अवसर पर ओआरसी निवासियों द्वारा गीत संगीत, नृत्य की प्रस्तुति दी गई, वहीं सभी वरिष्ठ सदस्यों ने दीप प्रज्वलित कर और केक कटिंग कर सभी को बधाई दी।
इस विशेष अवसर पर बीके शुक्ला, जापान एवं फिलिपींस की निदेशिका बीके रजनी, बीके पुष्पा एवं बीके विजय ने भी अपनी शुभ कामनाएं व्यक्त की।

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