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आध्यात्मिक शिक्षा से बच्चों की सफलता की राह होगी आसान - Shiv Amantran | Brahma Kumaris
आध्यात्मिक शिक्षा से बच्चों की सफलता की राह होगी आसान

आध्यात्मिक शिक्षा से बच्चों की सफलता की राह होगी आसान

मुख्य समाचार
  • राजयोगी किड्स समर कॉर्निवाल का समापन
  • अलग-अलग प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय आने वाले विजेताओं को किया सम्मानित
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने प्रस्तुतियों से किया मंत्रमुग्ध
  • बॉलीवुड के वॉइस एक्टर और मिमिक्री आर्टिस्ट संजय केनी हुए शामिल
    शिव आमंत्रण, आबू रोड/राजस्थान। ब्रह्माकुमारीज संस्थान के शांतिवन परिसर में चल रहे राजयोगी किड्स समर कॉर्निवाल का समापन हो गया। इस दौरान अलग-अलग प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय आने वाले विजेता प्रतिभागी बालक-बालिकाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। तालियों की गडग़ड़ाहट से कॉन्फ्रेंस हॉल गूंज उठा।
    समापन पर कार्यकारी सचिव बीके डॉ. मृत्युंजय भाई ने कहा कि आप सभी बच्चे परमात्मा के चैतन्य दीपक, राजदुलारे हो। आप सभी को नेक राह पर चलकर परमात्मा की आशाओं को पूर्ण करना है। समाज में अपने कर्मों से उदाहरण पेश करना है। यहां सात दिन तक आप सभी को जो अच्छी बातें बताईं गईं, मेडिटेशन सिखाया गया उसका घर जाकर भी नियमित अभ्यास करें। खूब मन लगाकर पढ़ाई करें और अपना व माता-पिता, गुरु का नाम रोशन करें। सदा पढ़ाई के प्रति सकारात्मक रहें। बोझ समझकर पढ़ाई नहीं करें। हर विषय को एंजॉय करें।
विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागी पुरस्कार के साथ।

आज बच्चों को आध्यात्मिक ज्ञान की जरूरत है-
बॉलीवुड के वॉइस एक्टर और मिमिक्री आर्टिस्ट संजय केनी ने कहा कि यहां आकर बहुत प्रसन्नता हुई। आज ऐसे कार्निवाल की बहुत जरूरत है जहां बच्चों को नैतिक और मूल्यनिष्ठ शिक्षा दी जाती है। साथ ही आध्यात्मिक और मेडिटेशन की शिक्षा से बच्चों की सफलता की राह प्रशस्त होगी। ऐसे सकारात्मक माहौल में बच्चे बहुत सीखकर जाएंगे। बचपन में ही बच्चों को संस्कार दिए जाएं तो वह बड़े होकर अच्छे कर्म करते हैं।

परमात्मा की याद से शुरु करें कोई कार्य-
शिक्षा प्रभाग की मुख्यालय संयोजिका बीके शिविका बहन ने कहा कि कॉर्निवाल का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभाओं को निखारना है। सात दिन तक सभी बच्चों ने अलग-अलग प्रतियोगिताओं में पूरे उमंग-उत्साह और जोश के साथ भाग लिया। भाषण कला से लेकर दौड़, पेंटिंग, नृत्य, गायन आदि में बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। हर कार्य करने के पहले दो मिनट परमात्मा को याद करें फिर शुरुआत करें तो सफलता समाई हुई है। दिल्ली की बीके नेहा बहन, बीके कमल भाई ने भी संबोधित किया।

कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित समापन समारोह में उपस्थित बच्चे।

आठ ग्रुप में बांटकर कराई प्रतियोगिताएं-
पूरे कॉर्निवाल के दौरान बच्चों को आठ ग्रुप में बांटा गया था। इन ग्रुप के नाम संस्थान की वरिष्ठ दादियों के नाम पर रखे गए। दादी गुलजार हाउस के बच्चों ने चार गोल्ड, सात सिल्वर और चार ब्रांज मेडल जीते। दादी मनोहर हाउस के बच्चों ने पांच गोल्ड, तीन सिल्वर और दस ब्रांज मेडल जीते। दादी प्रकाशमणि हाउस के बच्चों ने चार गोल्ड, चार सिल्वर और तीन ब्रांज मेडल जीते। दादी निर्मल शांता हाउस के बच्चों ने दो गोल्ड, चार सिल्वर, दो ब्रांज मेडल जीते। दादी चंद्रमणि हाउस के बच्चों ने तीन गोल्ड, एक सिल्वर और दो ब्रांज मेडल जीते। दादी रतनमोहिनी हाउस के बच्चों ने दो गोल्ड और तीन ब्रांज मेडल जीते। दादी जानकी हाउस के बच्चों ने दो गोल्ड, चार सिल्वर मेडल जीते और दादी बृजेन्द्रा हाउस के बच्चों ने तीन गोल्ड, दो सिल्वर व दो ब्रांज मेडल जीते।

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