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दिव्यांग बच्चों को सिखाई राजयोग मेडिटेशन की विधि - Shiv Amantran | Brahma Kumaris
दिव्यांग बच्चों को सिखाई राजयोग मेडिटेशन की विधि

दिव्यांग बच्चों को सिखाई राजयोग मेडिटेशन की विधि

मुख्य समाचार

– दिव्यांग सेवा प्रभाग की ओर से मान सरोवर में समर कैंप आयोजित

शिव आमंत्रण,आबू रोड।

आबू रोड। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के दिव्यांग सेवा प्रभाग की ओर से दिव्यांग समानता, संरक्षक एवं सशक्तिकरण अभियान के तहत मान सरोवर परिसर में समर कैंप का आयोजन किया गया। इसमें कर्नाटक विजयपुर बीजापुर से से एजुकेशन एवं सोशल वेलफेयर सोसायटी रिहेबिलेटिशन सेंटर के बच्चों और अभिभावकों ने भाग लिया। विजयलक्ष्मी सर्वोत्तम देशपांडे के नेतृत्व में पहुंचे इन बच्चों ने कैंप के दौरान फुटबॉल, वॉलीबाल, क्रिकेट, सांप सीढ़ी आदि गेम्स खेले। साथ ही सुबह-शाम विशेष रूप से मेडिटेशन के सेशन आयोजित किए गए।

कैंप के दौरान बच्चों को मोटिवेट करते हुए वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका राजयोगिनी बीके डॉ. सविता दीदी ने कहा कि दिव्यांगता के बाद भी अपना उमंग-उत्साह बनाए रखना अपने आप में बड़ी  बात है। वास्तव में जिसका मन जितना सशक्त, मजबूत और शक्तिशाली है वह सच्चे मायने में शक्तिशाली है। मन के हारे हार है, मन के जीते जीत। आप सभी का मन मजबूत है इसलिए कभी भी जीवन की किसी भी परीक्षा में हार नहीं सकते हो, सफलता आप सभी का जन्मसिद्ध है। राजयोग मेडिटेशन से आप सभी की ब्रेन पावर बढ़ जाएगी और मन शांत रहेगा। सदा सकारात्मक विचार आएंगे। राजयोगिनी बीके रुक्मिणी दीदी ने समापन पर बच्चों को पुरस्कार, सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया।  

समर कैंप के समापन पर अतिथियों ने बच्चों को बांटे उपहार।

सांस्कृतिक कार्यक्रम से बांधा समां – कैंप के दौरान रोजाना बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन्हें देखकर सभी मंत्रमुग्ध हो गए। इन बच्चों का उमंग-उत्साह और जज्बा देखकर सभी ने सराहना की। विशेष विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रशांत देशपांडे ने बताया कि इन चार दिनों में बच्चों में बहुत ही प्रभावशाली बदलाव आया है। सभी ने बड़े ही उत्साह और लगन के साथ सभी मेडिटेशन के सत्र अटेंड किए। कई बच्चे जो बिल्कुल भी बोलना नहीं जानते थे उन्होंने ऊं ध्वनि का उच्चारण करने का प्रयास किया। सभी ने बहुत ही मनोरंजन किया और मूल्यों की शिक्षा भी ली। सभी बच्चों को सात दिवसीय राजयोग मेडिटेशन का कोर्स कराएंगे ताकि इनकी प्रतिभा में और निखार आ सके। साथ ही स्कूल में एक ध्यान कक्ष भी बनाया जाएगा। कैंप के दौरान बीके रामनाथ भाई, बीके सोमनाथ भाई, बीके शिवानंद भाई, बीके ज्ञानेश्वर भाई, बीके मंजूनाथ भाई, बीके सूर्यप्रकाश भाई, बीके वीना बहन, बीके खुशी बहन ने भी अपने विचार व्यक्त किए।  

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