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राजयोग से दूर हो जाते हैं मनोविकार - Shiv Amantran | Brahma Kumaris
राजयोग से दूर हो जाते हैं मनोविकार

राजयोग से दूर हो जाते हैं मनोविकार

मुख्य समाचार
  • अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दिया मानवता का संदेश
  • बीके भाई-बहनों ने किया सूर्य नमस्कार, मन को साधने राजयोग
  • आनंद सरोवर में मनाया गया योग दिवस कार्यक्रम
    शिव आमंत्रण, आबू रोड/राजस्थान। ब्रह्माकुमारीज संस्थान के आनंद सरोवर परिसर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान लोगों ने सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और राजयोग ध्यान का अभ्यास किया। कार्यक्रम में कार्यकारी सचिव डॉ. बीके मृत्युंजय भाई ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए गौरव का विषय है कि हमारी पहल पर आज विश्वभर में लोग अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं। आज योग की ताकत को दुनिया देख रही है। परमपिता शिव परमात्मा का संदेश आज पूरे विश्व में फैल रहा है। राजयोग मन को विकारों को दूर कर पवित्र बना देते है।
    वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके गीता दीदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कारण आज पूरे विश्व में योग को लेकर जागृति आ गई है। हमें संस्कारों की श्रेष्ठता के लिए परमात्मा ने राजयोग सिखलाया है। सत्य ईश्वरीय ज्ञान ही राजयोग का आधार है। राजयोग कोई क्रिया नहीं है जो आधा-एक घंटा कर लिया जाए। राजयोग एक जीवन पद्धति है। राजयोग को जीवन में शामिल करने से हमारी दिनचर्या, आहार-विहार, सोच सबमें परिवर्तन आता है। इस वर्ष हम सकारात्मक बदलाव का वर्ष मना रहे हैं। राजयोग से हमारे अंदर सकारात्मक बदलाव होता है। मनोविकारों की निवृत्ति के लिए और मनोरोगों की समाप्ति के लिए राजयोग सर्वोत्तम योग है, जिसे स्वयं परमात्मा ने सिखाया है।
योगासन कराते हुए योग प्रशिक्षक बीके बापू भाई।

शांति के सागर की संतान, मैं आत्मा शांत स्वरूप हूं…
उन्होंने राजयोग का अभ्यास कराते हुए कहा कि अनुभव करें कि मैं आत्मा ज्योतिबिंदु स्वरूप हूं। मैं आत्मा भृकुटि के मध्य विराजमान शरीर और कर्मेंन्द्रियों की मालिक हूं। मेरा असली घर इस दुनिया से दूर, पांच तत्वों से पार शांतिधाम है, जहां पिता परमात्मा भी निवास करते हैं। मैं मन की आंख से परम ज्योतिबिंदु शिव पिता को देख रही हूं। मेरे अतिप्रिय परमपिता, प्यारे शिव पिता आप शांति के सागर, अखुट शांति के भंडार, विश्व शांतिदाता, आपकी संतान मैं आत्मा भी शांत स्वरूप हूं। मैं स्वयं शांत रहूंगी और सर्व के साथ शांति से व्यवहार करुंगी। प्रेम के सागर, सुखदाता, मेरे प्यारे शिव बाबा, आपकी अमर संतान मैं आत्मा भी प्रेम स्वरूप हूं। सारा विश्व परिवार है, मैं सर्व आत्माओं के साथ प्रेम से व्यवहार करुंगी, सबको सुख दूंगी। मुझे यह भी निश्चय और खुशी है कि मैं आत्मा ईश्वरीय संतान हूं, प्वाइंट ऑफ लाइट हूं।

योग दिवस पर बीके भाई-बहनों ने सूर्य नमस्कार सहित प्राणायाम, योगासन का अभ्यास किया।

योग को आज विश्व में हर कोई जानता है-
मल्टीमीडिया प्रमुख बीके करुणा भाई ने कहा कि अब योग को पूरे विश्व में हर कोई जानता है। हमारी संस्कृति को सभी पहचानने लगे हैं। आज विदेशों में भी भारतीय दूतावास में ब्रह्माकुमारीज की ओर से राजयोग के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। परमपिता परमात्मा इस सृष्टि पर आकर फिर से इस सृष्टि का परिवर्तन करते हैं। यह समय सृष्टि के महापरिवर्तन का समय चल रहा है। योग हम सभी के लिए बहुत जरूरी है।
सूर्य नमस्कार कराया-
इस दौरान योग प्रशिक्षक बीके बापू भाई ने सभी के लिए सूर्य नमस्कार कराया। साथ ही शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी प्राणायाम-योगासन कराया और इसके फायदे बताए गए। मधुरवाणी ग्रुप के कलाकारों बीके सतीष, बीके भानु ने आओ, आओ योग करें, तन-मन को निरोग करें गीत की प्रस्तुति दी। दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। संचालन बीके लीना बहन ने किया।

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