सभी आध्यात्मिक जगत की सबसे बेहतरीन ख़बरें
ब्रेकिंग
परमात्मा की छत्रछाया में रहें तोे सदा हल्के रहेंगे: बीके बृजमोहन भाई ईशु दादी का जीवन समर्पण भाव और ईमानदारी की मिसाल था ब्रह्माकुमारीज़ जैसा समर्पण भाव दुनिया में आ जाए तो स्वर्ग बन जाए: मुख्यमंत्री दिव्यांग बच्चों को सिखाई राजयोग मेडिटेशन की विधि आप सभी परमात्मा के घर में सेवा साथी हैं थॉट लैब से कर रहे सकारात्मक संकल्पों का सृजन नकारात्मक विचारों से मन की सुरक्षा करना बहुत जरूरी: बीके सुदेश दीदी
भगवान ने सबसे ज्यादा शक्तिशाली, सहनशील महिला को बनाया: बीके भारती दीदी - Shiv Amantran | Brahma Kumaris
भगवान ने सबसे ज्यादा शक्तिशाली, सहनशील महिला को बनाया: बीके भारती दीदी

भगवान ने सबसे ज्यादा शक्तिशाली, सहनशील महिला को बनाया: बीके भारती दीदी

राजस्थान राज्य समाचार
  • खुशहाल महिला-खुशहाल समाज विषय पर मानपुर में महिला सम्मेलन का आयोजन
  • 200 से अधिक समाज के विभिन्न वर्गों की जानीं-मानीं नारी शक्तियों ने लिया भाग

शिव आमंत्रण,आबू रोड/राजस्थान। ब्रह्माकुमारीज संस्थान के मानपुर स्थित ज्ञानदीप सेवाकेंद्र पर खुशहाल महिला-खुशहाल समाज विषय पर महिलाओं के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। इमसें सेवाकेंद्र प्रभारी बीके भारती दीदी ने कहा कि आज के समय में हम समाज को दोषी न बनाएं बल्कि यह जिम्मेवारी हम सब की है। हम सबने ही इस समाज को ऐसा बनाया है अत: हमें ही समाज को परिवर्तन भी करना होगा। महिलाओं के अंदर बहुत सारी शक्ति है। भगवान ने सबसे ज्यादा शक्तिशाली, सहनशील महिला को बनाया है। परंतु महिला अपनी शक्ति को पहचानती नहीं है। जब वह अपनी शक्ति को जान जाएगी, पहचान जाएगी तो उससे आगे कोई नहीं निकल पाएगा। यह दुनिया अगर गुलशन है, तो नारी उसका माली है। वह झुक जाए तो सीता है और उड़ जाए तो चंडी काली है। नारी हमेशा ही सम्मान का पात्र रही है, जहां नारी की पूजा होती है वहां देवता निवास करते हैं। इसीलिए कहते हैं-यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता।

संस्कृति में महिलाओं को पुरुषों से अधिक दिया सम्मान-
शांतिवन की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके उर्मिला दीदी ने कहा कि हमारी संस्कृति में सदियों से नारी को पुरुषों से भी अधिक सम्मान दिया गया है। पहले लक्ष्मी फिर नारायण, पहले सीता फिर राम का नाम लेते हैं। किंतु समय के चलते महिला ही महिला को पीछे करने में और अपने उद्देश्य को भूलने लग गई। महिला ही समाज की धुरी है। माता ही बच्चे की प्रथम गुरु है। यदि ठान लें तो अच्छे भावों और प्रयासों से हम महिलाएं समाज को आदर्श समाज का स्वरूप दे सकती हैं। जब भी कोई नारी या अन्य हमें पीछे करने का प्रयास करें तो हमें याद रखना है- झुक-झुक, मर-मर, सीख-सीख अर्थात् हमें खुशहाल परिवार बनाने के लिए विनम्र बनना है। आलोचनाओं आदि को सहन करना है और सदा कुछ अच्छा सीखने का प्रयास करना है। इससे निश्चित ही एक सद्भाव पूर्ण समाज का निर्माण कर सकेंगे।

कार्यक्रम में मौजूद विभिन्न क्षेत्रों से पधारीं महिलाएं।

महिला खुश तो परिवार खुश-
बीजेपी के महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष अंशू वशिष्ठ ने कहा कि महिलाओं को सशक्त होने की जरूरत है। यदि महिलाएं खुश रहेंगे तो पूरा परिवार खुश रहेगा, क्योंकि महिलाओं के हाथ में ही पूरे परिवार की बागडोर होती है। बीजेपी के पूर्व जिला प्रमुख पायल परसराम पुरिया ने कहा कि नारी की महिला सभी ने गाई है। नारी शक्ति का अवतार है। ब्रह्माकुमारी संस्था नारी शक्ति द्वारा संचालित विश्व की सबसे बड़ी संस्था है।
आबू रोड सीआई सरोज बैरवा ने कहा कि अपने अधिकारों के लिए लडऩा सीखें महिलाएं। आप किसी से कम नहीं हैं। खुद को कभी कम न आंकें।

नारी का सशक्त होना जरूरी-
ग्लोबल गारनर की डायरेक्टर रेखा मेडतिया ने कहा कि नारी जितनी सशक्त होगी, परिवार उतना सशक्त होगा। सीडीपीओ अलका विश्नोई ने कहा कि आज नारी शक्ति हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रही है। एडवोकेट दिव्या मेघवाल, पत्रकार नर्गिस कायमखानी, समाजसेवी नीतू शेट्टी, महावीर इ. अध्यक्ष मीना सिंघल, अग्रवाल महिला मंडल अध्यक्ष मंजू अग्रवाल, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर राखी मिश्रा, हैड कास्टेबल विनोद लांबा सहित समाज की अन्य जानीं-मानीं महिलाएं मौजूद रहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *