अंतर्मन- परमात्म श्रीमत अर्थात्शि वबाबा की एक-एक समझानी की जीवन में धारणा हो… हमेशा हिम्मत रखना, हिम्मत है, तो मदद है ही है… अगर मैं खुशी वाले संकल्प करता हूं तो मेरे भीतर खुशी बढ़ती है और अगर मैं दु:ख वाले संकल्प करता हूं तो मेरे भीतर दु:ख बढ़ता है। परमात्मा शिवबाबा हम बच्चों […]
एक बार एक राजा की सेवा से प्रसन्न होकर एक साधू नें उसे एक ताबीज दिया और कहा की राजन इसे अपने गले मे डाल लो और जिंदगी में कभी ऐसी परिस्थिति आये की जब तुम्हें लगे की बस अब तो सब ख़तम होने वाला है, परेशानी के भंवर में अपने को फंसा पाओ, कोई […]
शिव बाबा कहते हैं स्वदर्शन चक्रधारी होने से पाप भी कटेंगे। हम सभी ने बाबा की मुरलीयों में सुना है। स्वदर्शनचक्रघुमाने से तुम्हारे पाप कट जायेंगे। मनमनाभव होने से पाप कटेंगे। बीजरूप से पाप कटेंगे। तो स्वदर्शनचक्रधारी होने से भी पाप कटेंगे। तो पांचों स्वरूपों का अभ्यास स्वदर्शनचक्र का अभ्यास है। रोज सुबह यदि उठकर […]
बस एक ही बात समझ में आती है कि आपसी प्यारऔर सौहाद्र्र कम होने के कारण ही हो रहा है….. आज पूरा विश्व इस बात से भयभीत है कि न जाने कब क्या हो जायेगा। देश के ताकतवर मुल्क दुनिया को पल भर में समाप्त कर देने वाले विनाशक हथियारों से एक दूसरे को समाप्त […]
आलस्य और सुस्ती दोनों से बचें क्योंकि यह दोनों हमारे कई लाभों को रोक देंगी… अलबेलापन वह मनोदशा है जिसमें मनुष्य किसी भी कार्य को महत्व नहीं देता, समय को महत्व नहीं देता, कार्य गंभीरता पूर्वक नहीं करता, उत्तर दायित्व से भागना, आज की बात कल पर टाल देना, कल फिर कल पर टाल कर, […]