सभी आध्यात्मिक जगत की सबसे बेहतरीन ख़बरें
ब्रेकिंग
गौरवपूर्ण वृद्धावस्था और सम्मानित जीवन हमारी संस्कृति है: केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार आने वाले समय में ब्रह्माकुमारीज़ विश्व शांति के प्रयासों का प्रमुख केंद्र होगा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनसंचार की नींव है पारदर्शिता और विश्वास 27 साल में थ्रीडी हेल्थ केयर से 12 हजार हृदय रोगी हुए ठीक राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने राष्ट्रीय मीडिया महासम्मेलन 2025 का किया उदघाटन प्रत्येक व्यक्ति एक यात्रा पर है, इसलिए अपना रोल बेहतर अदा करें: रेलवे महाप्रबंधक अमिताभ यमराज की ललकार, लापरवाही की तो ले जाऊंगा अपने साथ
हंस बन सदा गुण मोती चुगे - Shiv Amantran | Brahma Kumaris
हंस बन सदा गुण मोती चुगे

हंस बन सदा गुण मोती चुगे

मध्य प्रदेश राज्य समाचार
  • गंगा सप्तमी पर प्रताप सागर तालाब पर आयोजन

शिव आमंत्रण, छतरपुर/मप्र। ब्रह्माकुमारीज़ के किशोर सागर सेवाकेंद्र द्वारा गंगा सप्तमी पर सभी भाई-बहनों द्वारा हंस बनाए गए और उनके माध्यम से गंगा की भांति बुद्धि को स्वच्छ बनाने का संदेश दिया गया। जल जन अभियान के अंतर्गत प्रताप सागर तालाब पर आयोजित कार्यक्रम में बीके कल्पना दीदी ने कहा कि गंगाजल की अपनी एक अलग महिमा है। गंगा का पानी नहीं कहते, गंगाजल कहते हैं। क्योंकि पानी एक साधारण शब्द हो जाता है, लेकिन जब उसको जल कहते हैं तो उसका पूजनीय स्वरूप हमारे सामने आता है। जब हम देवी-देवताओं के मंदिरों में जाते हैं तो यह नहीं कहते कि पानी चढ़ाने जा रहे हैं हम कहते हैं जल चढ़ाने जा रहे हैं। जब कोई संकल्प लिया जाता है तो यही कहते हैं कि मैं जल को साक्षी मानकर यह संकल्प लेता हूं। इसका अर्थ यही हुआ कि जल एक देवता है। क्योंकि जो देता है वही देवता है। इसलिए हमारा फर्ज है कि हमें जल को बचाना चाहिए। उसमें गंदगी नहीं फैलानी चाहिए। जल प्रदूषण बचाने के लिए मन का प्रदूषण हटाना पड़ेगा। हंस बुद्धि बन व्यर्थ का कंकड़-पत्थर छोड़ गुण रूपी मोती चुगना सीखना पड़ेगा। सभी ने मिलकर जल आरती की और मछलियों को दाना खिलाया। इसके बाद हंस और संत बनने के लिए संकल्प लिया। बीके सुमन, बीके मोहिनी द्वारा जल बचाने की प्रतिज्ञा कराई गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *