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मां के महत्व को समझें, सपूत बनकर दिखाए

मां के महत्व को समझें, सपूत बनकर दिखाए

राज्य समाचार हरियाणा
  • मां है सारी मुश्किलों को आसान करनेवाली जादू की छडी: प्रो. अतुल शर्मा
  • मदर्स डे के उपलक्ष्य में बीके शैली के विचार

शिव आमंत्रण, अंबाला कैंट। मां तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी, सच में मां जैसी मां ही होती है। आज तक मातृ दिवस पर शरीर को जन्म देने वाली तथा शरीर की पालना करने वाली मां का हम सम्मान करते आए हैं लेकिन इस मानव जीवन में हमारी और भी अनेक मां है, भारत मां, प्रकृति मां, पूज्य देवी मां, आध्यात्मिक मां तथा परमात्मा मां, इसलिए हम सभी जीवन में मां के महत्व को समझें तथा मां का सपूत बनकर दिखाएं। उक्त विचार वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके शैली ने मदर्स डे के उपलक्ष्य में युवा प्रभाग तथा हरियाणा के अंबाला कैंट सेवाकेंद्र द्वारा आयोजित ऑनलाइन वेबिनार के दौरान साझा करते हुए कहे।
अंबाला कैंट की सेवाकेंद्र प्रभारी बीके कृष्णा ने अपने आशीर्वचन में चरित्रवान तथा नैतिक मूल्यों से संपन्न मां बनने का संदेश दिया। कहा, कि तभी भारत देश पूरे विश्व में महान देश बन सकेगा।
चंडीगढ़ की सीनियर गायनोलॉजिस्ट डॉ. सोनिका ने युवा पीढ़ी को आह्वान करते हुए कहा, अपने दैनिक दिनचर्या में बच्चों को आत्मनिर्भर करें तथा कुछ समय अपने मात-पिता के लिए भी अवश्य निकालें। उन्होंने राजयोग से प्रभावित होकर सबको सन्देश दिया राजयोग करना अति सहज है, एक ऐसी पद्धति है जो हमारे मन को सशक्त बनाती है।
महाराज अग्रसेन यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर अतुल शर्मा ने कहा, कि मां शब्द में जादू है। एक ऐसी जादू की छड़ी जो घुमाते ही सारी मुश्किलों को आसान कर देती है। मां हमारे जीवन में भगवान के महत्व को समझाती हैं।
जस्मिता कॉलेज की स्टूडेंट शिवशी ने जीवन में मां के निस्वार्थ प्रेम का वर्णन काव्यात्मक रूप में किया। सुनील कुमार ने अपने मधुर गीत को सभी मां के आगे समर्पित किया। वेबिनार का संचालन कु. सुमनलता ने किया।

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