सभी आध्यात्मिक जगत की सबसे बेहतरीन ख़बरें
ब्रेकिंग
स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी दक्षता के साथ मानसिक- आध्यात्मिक संतुलन जरूरी तीरंदाजी में युवाओं ने दिखाए करतब, दिव्यांगों ने भी साधा निशाना ब्रह्माकुमारीज़ का मैनेजमेंट सराहनीय है: डॉ. सावंत ब्रह्माकुमारीज़ का नशामुक्त भारत अभियान सराहनीय है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मम्मा कहती थीं हर घड़ी अंतिम घड़ी है: राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी प्राणायाम और राजयोग से दिया तन-मन को स्वस्थ रखने का संदेश ब्रह्माकुमारीज़ के इतिहास में एक नया अध्याय लिख गईं दादी रतनमोहिनी
प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जी की 56 वीं पुण्यतिथि मनाई गई।

प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जी की 56 वीं पुण्यतिथि मनाई गई।

छत्तीसगढ़ राज्य समाचार

शिव आमंत्रण,भिलाई 24 जून 2021: जीवन में हर घड़ी अंतिम घड़ी है जो श्रेष्ठ कर्म करना है अभी कर ले इसी महामंत्र से मातेश्वरी जी तीव्र पुरषार्थ द्वारा मात्र 18 वर्ष की उम्र में ही मानव मात्र के कल्याण हेतु अपना समूचा जीवन ब्रह्माकुमारी संस्थान में समर्पित कर सेवा की लगन, ईश्वर के प्रति समर्पण और योग तपस्या में गहन रुचि होने के कारण ब्रह्माकुमारी संगठन की प्रथम मुख्य प्रशासिका बनी।यह बातें सेक्टर 7 स्थित पीस ऑडीटोरियम में मातेश्वरी जी की 56वी पुण्यतिथि के अवसर पर भिलाई सेवाकेंद्रों की निदेशिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने यूट्यूब चैनल ब्रह्माकुमारीज भिलाई पर कही। आपने मातेश्वरी जी की शिक्षाओ को बताते हुए कहा कि मातेशवरी जी योग शक्ति से सम्पन्न निर्भय एवं दैवीय गुणों की स्वरूप थी, वे किसी को कह कर शिक्षा नही देती पर अपने दैवीय स्वरूप द्वारा उनका हर कर्म शिक्षा स्वरूप था। मातेश्वरी जी की 56 वीं पुण्यतिथि को भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ , भारत समेत विश्व भर  के सभी सेवाकेन्द्रों में उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करने के दृढ़ संकल्प के साथ मनाया गया। संस्था के सदस्यों ने ब्रह्ममुहर्त से मौन में रह घरों में ही राजयोग का अभ्यास कर विश्व मे शांति के प्रकम्पन फैला कर मातेश्वरी जी की शिक्षाओ को आत्मसात किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *