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पॉजिटीव पर्सनालिटी हम तभी बनेंगे जब प्रैक्टिस करेंगे: गिरीश

पॉजिटीव पर्सनालिटी हम तभी बनेंगे जब प्रैक्टिस करेंगे: गिरीश

ॐ शांति रिट्रीट सेंटर

शिव आमंत्रण, गुरूग्राम। आज हम सभी प्राय: ये जानते हैं कि पॉजीटिव विचारों से हमारे जीवन में व हमारे शरीर और हमारे मन पर सुंदर प्रभाव पड़ता है लेकिन फिर भी न चाहते हुए भी नकारात्मकता के गिरफ्त में आ ही जाते हैं और बात करें वर्तमान परिस्थितियों की तो ऐसे समय पर विचारों का पॉजीटिव होना ज़रूरी है। इस बात की महत्ता को मद्देनजऱ रखते हुए गुरूग्राम के ओम शांति रिट्रीट सेंटर द्वारा 21 डेज़ पॉजीटिवीटी चैलेंज का आयोजन ऑनलाइन किया गया। इस 21 दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर ई वी गिरीश ने सदा सकारात्मक रहने के टिप्स दिए तथा वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके फाल्गुनी और बीके वर्णिका ने इस कार्यक्रम के बारे में विस्तार से लोगों को जानकारी दी।
इस मौके पर बीके ई वी गिरीश ने कहा, पॉजिटीव थिंकिंग है क्या? वो है आपके जीवन मे घटित कई दुख देनेवाली घटनाओं के प्रति अपना रवैया। उसको बहुत पॉजिटीवली और प्रॉडक्टिवली अप्रोच करना ही पॉजिटीव थिंकिंग है। चीजे मेरे जैसी या मै चाहता हूं वैसी नही हो रही है और वह परिस्थिति मुझे दुखदायी है। वह मन को खुशी या समाधान नही दे रही है। उस समय भी मैने अपने को पॉजिटीविटी की तरफ मै ले जाउ तो मै कहुंगा कि यह व्यक्ति पॉजिटीव पर्सनालिटी है। पॉजिटीव पर्सनालिटी हम तभी बन सकते है जब हम प्रैक्टिस करेंगे।

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