सभी आध्यात्मिक जगत की सबसे बेहतरीन ख़बरें
ब्रेकिंग
ब्रह्माकुमारीज़ ने नेपाल आपदा में की एक करोड़ एक लाख रुपये की सहायता देशभर से पहुंचे आईटी प्रोफेशनल्स सीख रहे स्ट्रैस फ्री लाइफ के मंत्र परमात्मा हमें सर्व बंधनों से छुड़ाकर श्रीकृष्ण की दुनिया में चलने के लायक बना रहे: बीके ऊषा दीदी आंतरिक शक्ति, दृढ़ संकल्प और परमात्म स्मृति से होगी सच्ची रक्षा: बीके रुक्मणी दीदी पवित्रता के बंधन में बंधने का संदेश देता है रक्षा बंधन: राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी अपने लेखन से समाज को नई दिशा और राह दिखाएं: महासचिव राजयोगी करुणा भाई ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय में झंडावंदन कर ली परेड की सलामी
दादी ह्दयमोहिनी के मेमोरियल का स्टोन स्थापित

दादी ह्दयमोहिनी के मेमोरियल का स्टोन स्थापित

मुख्य समाचार

इस मेमोरियल के जरिये दादी हमेशा याद आयेगी : दादी रतनमोहिनी

शिव आमंत्रण, आबूरोड। दरअसल ब्रह्माकुमारीज संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी ह्दयमोहिनी जी के स्मृति में संस्थान के शांतिवन में मेमोरियल की स्टोन सेरिमनी कर दादी जी के अस्थियों को स्थापित किया गया। इस स्टोन सेरिमनी कार्यक्रम के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज संस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी, महासचिव बीके निर्वेर, अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन, मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य बीके करुणा, कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय, कार्यक्रम प्रबन्धिका बीके मुन्नी तथा दादी ह्दयमोहिनी की व्यक्तिगत सचिव रहीं बीके नीलू समेत संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अस्थि रखकर शिलान्यास किया।इस दुनिया में परमात्मा को साकार करने वाली राजयोगिनी दादी ह्दयमोहिनी जी हमारे बीच नहीं है। लेकिन उनकी स्मृति में शांतिवन में बनने वाला अव्यक्त लोक लोगों को आजीवन शांति, आनन्द और ईश्वरीय स्मृति का अनुभव कराता रहेगा। संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच में दादी के निवास स्थल के सामने उनके बनने वाले मेमोरियल की नींव रखी गयी। इस अवसर पर संस्थान की मुखिया दादी रतनमोहिनी ने कहा, कि दादी हमेशा इस मेमोरियल के जरिये याद आयेगी।

कार्यक्रम के दौरान बीके नीलू, बीके तारा तथा बीके मृत्युंजय ने उनकी अस्थियों को भूमि में स्थापित किया। इसके साथ ही आस पास खड़े संस्थान के आमंत्रित लोगों ने नींव की इंट को हाथ लगाकर दादी जी को याद किया। गौरतलब है कि संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी ह्दयमोहिनी जी ने 11 मार्च को अपने नश्वर शरीर का त्याग किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *