विश्व पर्यावरण दिवस पर वेबीनार से संदेश
शिव आमंत्रण, छतरपुर। आज वर्तमान परिस्थितियों पर नजर डालें तो कोरोना महामारी के भयानक रूप ने हमारे अपनों को हमसे दूर किया है। इस समय अनेको आत्माएं अकाले काल के गाल मे समा गई है। कारण किसी को ऑक्सीजन नहीं मिला तो किसी ने धन और दवाईयों के अभाव मे दम तोड़ दिया। इस भयानक दौर मे कई परिवार तो पूरी तरह बिखर गए। जिन्होंने अपने चार – पांच सदस्यों तक को खो दिया। किसी परिवार को अपने प्यारे सदस्य के अंतिम दर्शन तक नहीं हो पाये। इस विपदा ने पूरी दुनिया को भीतर तक झकझोर कर रख दिया। दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए विश्व की सभी आत्माओं का आह्वान करते हुए विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण की सुरक्षा का संकल्प लेते हुए एक वृक्ष अपने प्रियजन के नाम लगाकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे। उक्त उद्गार ब्रह्माकुमारीज छतरपुर द्वारा आयोजित वेबीनार मे खजुराहो सेवा केन्द्र प्रभारी बीके विद्या ने व्यक्त किए । ब्रह्माकुमारीज द्वारा 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस को एक नया रूप प्रदान करने पर विचार किया गया कि क्यों न हम एक आत्मा के निमित्त एक पौधा रोपित करें। ब्रह्माकुमारीज परिवार के सदस्यों द्वारा पीपल, बरगद, नीम, तुलसी जो हमे सबसे अधिक ऑक्सीजन प्रदान करते है ऐसे पौधों का रोपण किया गया एवं सभी को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किए गए ।
इसी क्रम मे छतरपुर सेवा केंद्र प्रभारी बीके शैलजा के मार्गदर्शन मे ब्रह्माकुमारीज छतरपुर द्वारा ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमे छतरपुर जिले की सभी तहसील की ब्रह्माकुमारी बहनें एवं पर्यावरण विद शामिल हुए। सभी ने अपने अपने तहसील में वृक्षारोपण कर ऑनलाइन बेबीनार मे अपने विचार सुरक्षित पर्यावरण के संदर्भ मे व्यक्त किए। उक्त कार्यक्रम मे छतरपुर से डॉ. कपिल खुराना, वृक्ष मित्र की उपाधि से सम्मानित पर्यावरण विद डॉ. राजेश अग्रवाल, बिजावर से एसडीओपी सीताराम अवासया, सीईओ जनपद पंचायत अखिलेश उपाध्याय, लवकुश नगर से टी आई धन सिंह नलवाया, घुवारा से थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
वेबीनार मे मुख्य वक्ता के रूप खजुराहो सेवा केन्द्र प्रभारी बी के विद्या ने विषय को बड़ी स्पष्टता से रखा । वही छतरपुर विश्वनाथ सेवा केंद्र प्रभारी बी के रमा ने शाश्वत यौगिक खेती के बारे में बताया। सिविल लाइन सेवा केंद्र प्रभारी बीके माधुरी ने प्रकृति के पांचों तत्वों को सकाश देते हुए मेडिटेशन कॉमेंटरी कराई एवं बीके कल्पना बहन ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों से पर्यावरण संरक्षण की प्रतिज्ञा कराई। ऑनलाइन कार्यक्रम का संचालन बी के रूपा ने किया।




