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योग को खेती में शामिल करने से होगा पूरे समाज का कल्याण: कुलपति - Shiv Amantran | Brahma Kumaris
योग को खेती में शामिल करने से होगा पूरे समाज का कल्याण: कुलपति

योग को खेती में शामिल करने से होगा पूरे समाज का कल्याण: कुलपति

मुख्य समाचार
  • स्वयं और समाज के लिए योग विषय पर सेमीनार आयोजित
  • कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग की ओर से मान सरोवर में आयोजन

शिव आमंत्रण, आबू रोड। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मान सरोवर परिसर में कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में स्वंय और समाज के लिए योग विषय पर सेमीनार आयोजित किया गया। इसमें माउंट आबू और आबू रोड के आसपास के गांवों के किसानों ने भाग लिया। सेमीनर में वक्ताओं ने प्राकृतिक खेती, यौगिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
इसमें मुख्य अतिथि बीकानेर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि समय की मांग जैविक खेती, प्राकृतिक खेती है। यदि हमें अपनी जमीन और मिट्‌टी को बचाना है तो जैविक खेती पर आना ही होगा। खेती में रसायनों के उपयोग से न केवल मिट्‌टी की उर्वरा शक्ति खत्म हो रही है, बल्कि प्रकृति और इंसानों को ऊपर भी दुष्प्रभाव पड़ रहा है। नतीजा नई-नई बीमारियां जन्म ले रही हैं। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान ने यौगिक खेती की दिशा में अच्छी पहल की है। योग को खेती में शामिल कर लिया जाए तो पूरे समाज का कल्याण हो जाएगा।
अतिरिक्त महासचिव राजयोगी बीके बृजमोहन भाई ने कहा कि योग तो हमारी संस्कृति है। परमपिता परमात्मा हमें राजयोग सिखाते हैं। राजयोग से न केवल हमारा मन सकारात्मक होता है बल्कि प्रकृति भी सतोप्रधान बनती है। राजयोग का अपनी खेती में प्रयोग करके आप खुद ही इसके चमत्कार देख सकते हैं। रिटायर एडीएम (नाबार्ड) और यौगिक खेती पर शोध करने वाले राजेश दवे ने अपने जीवन से जुड़े प्रैक्टिकल अनुभव किसानों के साथ सांझा किए। बता दें कि आपके प्रयासों से ओरिया गांव में अनेक आधुनिक कृषि यंत्र ग्राम पंचायत में आए हैं, जिनके उपयोग से किसानों का कार्य आसान हो गया है। साथ ही किसानों को अनेक तरह के जैविक खाद का प्रशिक्षण दिया गया है।

सेमीनार में मौजूद किसान व महिलाएँ।

किसान भाई प्राकृतिक खेती के लिए आगे आएं-
कृषि एवं ग्रामीण विकास प्रभाग की अध्यक्ष सरला दीदी ने कहा कि प्रभाग द्वारा सिखाई जा रही यौगिक खेती पद्धति को सीखकर हजारों किसानों का जीवन खुशहाल बन गया है। आप सभी भाग्यशाली हैं कि मुख्यालय के आसपास ही रहते हैं। इसलिए यहां से मदद लेकर जैविक खेती की शुुरुआत करें। प्रभाग के उपाध्यक्ष राजू भाई ने कहा कि अब किसान भाई यौगिक खेती का महत्व समझ रहे हैं और माउंट आबू के ओरिया, दिलवाड़ा गांव के किसान प्राकृतिक खेती के लिए उत्साह के साथ आगे आ रहे हैं। इलाहाबाद की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके मनोरमा दीदी ने कहा कि योग तो हमें प्रेम करना सिखाता है। आपसी भाईचारा और स्नेह सिखाता है। एक समय था जब गांवों में आपसी भाईचारा की मिसाल हुआ करती थी लेकिन आज वह सब कहीं गुम गया है। हमें फिर से अपने गांवों को गोकुल गांव बनाना है।

ब्रह्माकुमारीज़ के प्रयासों से गांव में कई विकास कार्य हुए-
ओरिया गांव की सरपंच शारदा देवी ने कहा कि मैं ब्रह्माकुमारीज़ की बहुत आभारी हूं जिनके प्रयासों से हमारे गांव की सूरत बदल गई है। हमारा गांव आदर्श गांव बनता जा रहा है। उप-सरपंच तरुण सिंह ने कहा कि मैं ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान का आभारी हूं कि आपके प्रयासों से हमारा गांव स्वच्छ गांव बन गया है। गांव में कई विकास कार्य हुए हैं। कई किसान ब्रह्माकुमारीज़ से सीखकर जैविक खेती कर रहे हैं। गांव के विकास में संस्थान के ब्रह्माकुमार भाई-बहनों का सहयोग प्रशंसनीय है।

मैं खुद जैविक खेती का फायदा महसूस किया-
दिलवाड़ा के प्रगतिशील किसान हेमंत भाई ने बताया कि मैंने खुद अपने खेत में जैविक खेती का फायदा महसूस किया है। मैंने एक खेत में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा बताए अनुसान फसल लगाई और दूसरे में रासायनिक खाद से फसल लगाई। लेकिन जैविक खेती वाली फसल में ज्यादा पैदावार हुआ और पानी भी कम लगा। बीके सुषमा दीदी ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया। संचालन बीके किरण दीदी और बीके राखी दीदी ने किया। राजस्थान के ओडीएफ मुक्त पंचायत एवं आदर्श पंचायत के सरपंच श्याम प्रताप सिंह राठौर ने भी अपने अनुभव सांझा किए। योग प्रशिक्षक बीके बाबू भाई ने किसान भाईयों को स्वस्थ रहने के लिए योग के जरूरी आसन बताए।

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