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परमात्म उपस्थिति से बनता है सुखमय दुनिया का माहोल

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वल्र्ड होलोकास्ट मेमोरियल डे में बीके एस्त्रिड के विचार

शिव आमंत्रण,एबरडीन, स्कॉटलैंड। दुसरे विश्व युद्ध के दौरान मारे गए छह मिलियन यहूदियों की स्मृति में वल्र्ड होलोकास्ट मेमोरियल डे समर्पित है जिसे 2005 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आधिकारिक तौर पर घोषित किया गया। इस वर्ष होलोकॉस्ट मेमोरियल डे 2021 की थीम रही बी द लाइट इन द डार्कनेस जिसके तहत आयोजित ऑनलाइन टॉक में विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों समेत ब्रह्माकुमारिज को भी विशेष आमंत्रित किया गया था जिसमें स्कॉटलैंड से वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके एस्त्रिड बेनोमिर ने अपने विचार रखे।
बीके एस्त्रिड बेनोमिर ने कहा, आत्मा और परमात्मा मूलत: प्रकाश रूप है। अंधकार अज्ञान का भी हो सकता है, स्थूल भी हो सकता है। जैसे स्विच दबाने से स्थूल अंधकार नष्ट हो जाता है वैसे परमात्म ज्ञान से आत्मा को दिशा मिलती है और उसकी याद करने से अलग अलग शक्तियां और पवित्रता प्राप्त होती है। पवित्रता का यह प्रकाश चारो दिशा मे फैलता जाता है तो इस दुनिया की तमोप्रधानता नष्ट होती जाती है। चारो तरफ सुखमय दुनिया का माहोल तैय्यार होने लगता है।
इसी समय युरोप ब्रह्माकुमारीज की डायरेक्टर बीके जयंति ने आनलाइन राजयोग का अभ्यास सबको कराया।
ऑनलाइन टॉक में आगे सिख धर्म से सुकी पूनी, हंगेरियन मुस्लिम कम्युनिटी से मिरेला, उनिटारियन चर्च से कैरोलिन कोंरमैक ने भी अपने विचार रखे।

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