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दादी जानकी की याद में ‘शक्ति स्तंभ’ का अनावरण कर मनेगी पहली पुण्य तिथि - Shiv Amantran | Brahma Kumaris
दादी जानकी की याद में ‘शक्ति स्तंभ’ का अनावरण कर मनेगी पहली पुण्य तिथि

दादी जानकी की याद में ‘शक्ति स्तंभ’ का अनावरण कर मनेगी पहली पुण्य तिथि

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नारी शक्ति की प्रतीक दादी की याद दिलाता रहेगा ‘शक्ति स्तंभ’

कोरोना महामारी को देखते हुए कार्यक्रम किया स्थगित, संस्थान के कुछ पदाधिकारी ही अर्पित करेंगे पुष्पांजली

शिव आमंत्रण,आबू रोड, 26  मार्च (निप्र)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका, नारी शक्ति की मिसाल राजयोगिनी दादी जानकी जी की पहली पुण्य तिथि उनकी मृति स्थल ‘शक्ति स्तंभ’ का अनावरण कर मनाया जायेगा।
दादी जानकीजी की प्रथम पुण्यतिथि 27 मार्च को वैश्विक आध्यात्मिक जागृति दिवस के रूप में संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन सहित विश्वभर के सेवाकेंद्रों पर मनाई जाएगी। कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए शनिवार को शांतिवन में सुबह 8  बजे संस्थान के चंद पदाधिकारी दादी की याद में बने शक्ति स्तंभ पर पुष्पांजली अर्पित करेंगे। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना गाइडलाइन का पूरा ध्यान रखा जाएगा। बता दें कि 27 मार्च 2020 को राजयोगिनी दादी जानकी नश्वर देह त्यागकर अव्यक्त हो गईं थीं।
दादीजी की शिक्षाओं की याद दिलाएगा शक्ति स्तंभ
दादी जानकीजी की याद में बने शक्ति स्तंभ पर दादीजी की जीवन यात्रा को चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है। साथ ही दादीजी के जीवन चरित्र, उनके महान वाक्यों, प्रेरणाओं को अंकित किया गया  है। दादीजी सदा कहती थी… सदा याद रखें मैं कौन (आत्मा) और मेरा कौन (परमात्मा)। अर्थात् मैं आत्मा, परमात्मा की संतान हूं और इस सृष्टि रूपी रंगमंच पर अपना पार्ट बजा रही हूं। करनकरावनहार करा रहा है। मैं तो निमित्त मात्र हूं। दादीजी के जीवन का मूलमंत्र था- सच्चाई, सफाई और सादगी।
शक्ति स्तंभ को विशेष मार्बल के पत्थरों से बनाया गया है, जिसके गुंबज में कमल की पंखुडिय़ों के समान आकृति बनाई गई है।  

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