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जीवन श्रेष्ठ बनेगा तो संस्कृति भी श्रेष्ठ बनेगी - Shiv Amantran | Brahma Kumaris
जीवन श्रेष्ठ बनेगा तो संस्कृति भी श्रेष्ठ बनेगी

जीवन श्रेष्ठ बनेगा तो संस्कृति भी श्रेष्ठ बनेगी

मुख्य समाचार
  • आर्थिक और सामाजिक-आध्यात्मिक विकास के लिए सिंधी समागम
  • मनमोहिनीवन में सिंधी सम्मेलन का शुभारंभ, देशभर से सिंधी समाजजन पहुंचे

शिव आमंत्रण, आबू रोड। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मनमोहिनीवन स्थित ग्लोबल ऑडिटोरियम में सिंधी सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसमें देशभर से 500 से अधिक सिंधी समाजजन भाग ले रहे हैं। आर्थिक और सामाजिक-आध्यात्मिक विकास के लिए सिंधी समागम विषय पर आयोजित सम्मेलन के स्वागत सत्र में ब्रह्माकुमारीज़ की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके सुदेश दीदी ने कहा कि परमपिता परमात्मा हमें संदेश और शिक्षा देते हैं कि जब हमारा जीवन श्रेष्ठ बनेगा तो संस्कृति श्रेष्ठ बनेगी। परमात्मा हमें दैवी गुण सिखाने के लिए अपनी आत्मा की दिव्य संस्कृति को फिर से जागृत करने के लिए राजयोग की शिक्षा देते हैं। राजयोग के ज्ञान से हमारे अंदर पवित्रता, सभ्यता और श्रेष्ठ संस्कृति के लिए श्रेष्ठ संस्कार आते हैं। परमात्मा हमें अतीन्द्रींय सुख के झूले में झूलना सिखाते हैं। ज्ञान और योग से हमारी आत्मा सतोप्रधान बनती है।
उल्लासनगर की राजयोगिनी बीके सोम दीदी ने अपने जीवन का अनुभव सुनाते हुए कहा कि जब मुझे परमात्मा का संदेश मिला तो सबकुछ छोड़कर इस ईश्वरीय कार्य में अपना जीवन सेवा में अर्पण कर दिया। मैंने तभी संकल्प कर लिया कि आगे का जीवन लोगों के कल्याण में लगाना है।

मंचासीन अतिथि दीदियां।

अपने नकारात्मक संस्कारों को स्वाहा करना है-
जयपुर सबजोन की निदेशिका राजयोगिनी बीके सुषमा दीदी ने कहा कि परमपिता शिव परमात्मा ने इस ईश्वरीय ज्ञान यज्ञ की स्थापना की है। इस यज्ञ में विकारों, नकारात्मक संस्कारों को स्वाहा करना है। जब हम अपने नकारात्मक कर्मों और सोच को स्वाहा कर देंगे तो आत्मा में दिव्य संस्कारों का जन्म होगा। राजयोग ही वही दिव्य ज्ञान है जिसके जीवन में समावेश से दिव्यता आती है।

परमात्मा सदा मेरे साथ हैं-
मुंबई बोरीवली सबजोन की निदेशिका राजयोगिनी बीके दिव्यप्रभा दीदी ने सभी को गहन राजयोग की अनुभूति कराते हुए कहा कि अनुभव करें कि मैं एक परम पवित्र आत्मा हूं, मुझ पर परमपिता शिव परमात्मा की शक्तियां पड़ रहीं हैं और मेरे जीवन से अंधकार समाप्त होता जा रहा है। जीवन में दिव्य प्रकाश आ रहा है। परमात्मा सदा मेरे साथ हैं। उनका वरदानी हाथ सदा मेरे सिर पर है। उल्हासनगर के जिला गवर्नर रोटरी अशोक चंचलानी ने कहा कि यहां आकर बहुत प्रसन्नता महसूस हो रही है।

सम्मेलन में मौजूद देशभर से आए सिंधी समाजजन।

युवा पीढ़ी को संभालने की जरूरत है-
छत्तीसगढ़ सरकार संस्कृति विभाग के छत्तीसगढ़ सिंधी अकादमी के अध्यक्ष राम गिडलानी ने कहा कि सिंधी समाज की बोली और भाषा में आकर्षण है यही कारण है कि हम पूरे भारत में लोगों के दिलों में छा गए। हमारी युवा पीढ़ी को संभालने की जरूरत है। इसके लिए माताओं, बहनों और बुजुर्गों को आगे आना होगा। सभी समाजजन से आग्रह है कि यहां से जब जाएं तो जीवन में कुछ नया लेकर, नया सीखकर जाएं।

संगीत संध्या में प्रस्तुति देते सिंधी कलाकार।

अमरावती से आए कलाकारों ने समूह गीत पेश किया-
 अहमदाबाद की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके भारती बहन ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि देशभर से सम्मेलन में पहुंचे सभी अतिथि सिंधी भाई-बहनों का परमपिता शिव परमात्मा के घर में स्वागत है। अहमदाबाद से आए विभाजन की जड़ें पुस्तक के लेखक मोहनलाल हसनंद मंदानी ने अपनी पुस्तक के बारे में बताया। महाराष्ट्र अमरावती से आए कलाकारों ने समूह गीत झूमे झूमे हर कली… पर अपनी प्रस्तुति दी। अतिथियों का स्वागत उल्हासनगर की अनुष्का शर्मा, अदिति पाटिल और किरण राजपाल ने किया। स्वागत गीत मधुरवाणी ग्रुप के बीके सतीश भाई व टीम ने प्रस्तुत किया। संचालन बीके चंदा बहन ने किया।

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