सभी आध्यात्मिक जगत की सबसे बेहतरीन ख़बरें
ब्रेकिंग
सही शिक्षा, सही सोच और सही ज्ञान ही हमें ताकत दे सकता है कला के जादू से जीवंत हो उठी रचनाएं, सम्मान से बढ़ाया कलाकारों का मान कलाकार कैनवास पर उकेर रहे मन के भाव कारगिल युद्ध में परमात्मा की याद से विजय पाई: ब्रिगेडियर हरवीर सिंह भारत और नेपाल में भाईचारा का नाता है: नेपाल महापौर विष्णु विशाल राजनेताओं का जीवन आध्यात्मिक होगा तो भारत समृद्ध बनेगा सेना जितनी सशक्त रहेगी हम उतनी शांति से रहेंगे: नौसेना उपप्रमुख घोरमडे
कलियुग अभी बच्चा नहीं है बल्कि बुढ़ा हो गया है - Shiv Amantran | Brahma Kumaris
कलियुग अभी बच्चा नहीं है बल्कि बुढ़ा हो गया है

कलियुग अभी बच्चा नहीं है बल्कि बुढ़ा हो गया है

सच क्या है

इसका विनाश निकट है और शीघ्र ही सतयुग आने वाला है |

आज बहुत से लोग कहते है , “कलियुग अभी बच्चा है अभी तो इसके लाखो वर्ष और है शस्त्रों के अनुसार अभी तो सृष्टि के महाविनाश में बहुत काल है |” 

परन्तु अब परमपिता परमात्मा कहते है की अब तो कलियुग बुढ़ा हो चूका है | अब तो सृष्टि के महाविनाश की घडी निकट आ पहुंची है | अब सभी देख भी रहे है की यह मनुष्य सृष्टि काम, क्रोध, लोभ, मोह तथा अहंकार की चिता पर जल रही है | सृष्टि के महाविनाश के लिए एटम बम, हाइड्रोजन बम तथा मुसल भी बन चुके है | अत: अब भी यदि कोई कहता है कि महाविनाश दूर है, तो वह घोर अज्ञान में है और कुम्भकर्णी निंद्रा में सोया हुआ है, वह अपना अकल्याण कर रहा है | अब जबकि परमपिता परमात्मा शिव अवतरित होकर ज्ञान अमृत पिला रहे है, तो वे लोग उनसे वंचित है |  

आज तो वैज्ञानिक एवं विद्याओं के विशेषज्ञ भी कहते है कि जनसँख्या जिस तीव्र गति से बढ रही है, अन्न की उपज इस अनुपात से नहीं बढ रही है | इसलिए वे अत्यंत भयंकर अकाल के परिणामस्वरूप महाविनाश कि घोषणा करते है | पुनश्च, वातावरण प्रदुषण तथा पेट्रोल, कोयला इत्यादि शक्ति स्त्रोतों के कुछ वर्षो में ख़त्म हो जाने कि घोषणा भी वैज्ञानिक कर रहे है | अन्य लोग पृथ्वी के ठन्डे होते जाने होने के कारण हिम-पात कि बात बता रहे है | आज केवल रूस और अमेरिका के पास ही लाखो तन बमों जितने आणविक शस्त्र है | इसके अतिरिक्त, आज का जीवन ऐसा विकारी एवं तनावपूर्ण हो गया है कि अभी करोडो वर्ष तक कलियुग को मन्ना तो इन सभी बातो की ओर आंखे मूंदना ही है परन्तु सभी को याद रहे कि परमात्मा अधर्म के महाविनाश से ही देवी धर्म की पुन: सथापना भी कराते है |  

अत: सभी को मालूम होना चाहिए कि अब परमप्रिय परमपिता परमात्मा शिव सतयुगी पावन एवं देवी सृष्टि कि पुन: स्थापना करा रहे है | वे मनुष्य को देवता अथवा पतितो को पावन बना रहे है | अत: अब उन द्वारा सहज राजयोग तथा ज्ञान- यह अनमोल विद्या सीखकर जीवन को पावन, सतोप्रधन देवी, तथा आन्नदमय बनाने का सर्वोत्तम पुरुषार्थ करना चाहिए जो लोग यह समझ बैठे है कि अभी तो कलियुग में लाखो वर्ष शेष है, वे अपने ही सौभाग्य को लौटा रहे है! 

अब कलियुगी सृष्टि अंतिम श्वास ले रही है, यह मृत्यु-शैया पर है यह काम, क्रोध लोभ, मोह और अहंकार रोगों द्वारा पीड़ित है | अत: इस सृष्टि की आयु अरबो वर्ष मानना भूल है | और कलियुग को अब बच्चा मानकर अज्ञान-निंद्रा में सोने वाले लीग “कुम्भकरण” है | जो मनुष्य इस ईश्वरीय सन्देश को एक कण से सुनकर दुसरे कण से निकल देते है उन्ही के कान ऐसे कुम्भ के समान है, क्योंकि कुम्भ बुद्धि-हीन होता है|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खबरें और भी