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आध्यात्मिक जागरूकता से समाज में परिवर्तन ला सकती है नारी - Shiv Amantran | Brahma Kumaris
आध्यात्मिक जागरूकता से समाज में परिवर्तन ला सकती है नारी

आध्यात्मिक जागरूकता से समाज में परिवर्तन ला सकती है नारी

मुख्य समाचार
  • मानपुर स्थित ज्ञानदीप सेवाकेंद्र पर महिला सम्मेलन आयोजित
  • शहर से बड़ी संख्या में नारी शक्ति ने लिया भाग

शिव आमंत्रण, आबू रोड (राजस्थान)। मानपुर स्थित ब्रह्माकुमारीज़ ज्ञानदीप सेवाकेंद्र पर महिला सम्मेलन आयोजित किया गया। मूल्यनिष्ठ समाज के निर्माण में महिलाओं का योगदान विषय पर संबोधित करते हुए वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके उर्मिला दीदी ने कहा कि नारी केवल शरीर का नाम नहीं, बल्कि एक शक्ति स्वरूपा है। प्रेम, करुणा, साहस और सहनशीलता नारी की प्रमुख शक्तियां हैं। आध्यात्मिक जागरूकता से नारी अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।
सेवाकेंद्र संचालिका बीके भारती दीदी ने कहा कि महिलाएं समाज की नींव होती हैं और उनके नैतिक मूल्य समाज को सशक्त एवं समृद्ध बनाते हैं। वे बच्चों को संस्कार ईमानदारी और सद्भावना की शिक्षा देकर एक आदर्श नागरिक तैयार करती हैं। महिलाओं की शिक्षा और जागरूकता से समाज में समानता न्याय और नैतिकता को बढ़ावा मिलता है। जब महिलाएं सशक्त होती हैं तो पूरा समाज उन्नति की ओर अग्रसर होता है। महिलाओं को बाह्य श्रृंगार के साथ-साथ मूल्यों, जैसे नम्रता, धैर्यता, पवित्रता, साहस, सरलता, हर्षितमुखता, दिव्यता आदि द्वारा आंतरिक श्रृंगार करने की जरूरत है।
बीजेपी की महिला मोर्चा अध्यक्ष संगीता शर्मा ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित की है। राजनीति में भी अब महिलाएं आगे आ रही हैं। महिलाएं जिस भी पद पर होती हैं वह अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाती हैं। एक परिवार के कुशल संचालन में महिला की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
प्रधानाचार्य सुरभी सिंघल ने कहा कि एक स्वस्थ समाज के लिए महिलाओं का शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त होना आवश्यक है। जब महिलाएं स्वस्थ और शिक्षित होंगी, तभी वे मजबूत नैतिक समाज की रचना कर सकती हैं। महिलाएं अपने कार्यस्थल और परिवार दोनों जगह अपने मूल्यों को बनाए रखकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं। नारी के नैतिक निर्णय समाज की दिशा और दशा तय करते हैं।
प्रधानाचार्य कुमकुम मारू ने कहा कि संस्कारवान समाज की रचना में महिलाओं की भूमिका अहम है। जब महिलाएं आत्मनिर्भर और नैतिकता से युक्त होंगी, तो समाज भी सशक्त और मूल्यनिष्ठ बनेगा। बीजेपी जिला मंत्री अनुराधा जैन ने कहा कि सेवा और त्याग नारी के स्वभाव में होते हैं। जब महिलाएं इन गुणों के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाती हैं, तो संपूर्ण समाज में नैतिकता का प्रकाश फैलता है। बीके सीमा दीदी ने कहा कि भौतिक विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक विकास जरूरी है, जो स्वयं महिला, परिवार एवं समाज के लिए श्रेष्ठतम होगा। श्रेष्ठ सनातन संस्कारों की पुनर्स्थापना में महिलाओं का योगदान ब्रह्माकुमारीज के साथ अतुलनीय है।

सम्मेलन में मौजूद शहर की गणमान्य महिलाएं। 

इन्होंने भी किया संबोधित-
आयुष मेडिकल ऑफिसर डॉ. निधि भट्ट, आंगनवाड़ी सुपरवाईजर राखी मिश्रा, सरकारी होम्योपैथिक हॉस्पिटल की डॉ. मनीषा शर्मा, प्रधानाचार्य रजनी श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य अलका सिसोदिया, प्रधानाचार्य अंजना कुलदीप, प्रधानाचार्य शशी उपाध्याय, प्रधानाचार्य हेमा गहलोत, प्रधानाचार्य उर्मिला परिहार, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की सुलोचना ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

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