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एक-दूसरे को लगाएं प्रेम, खुशी, शांति और आनंद का रंग: बीके गीता दीदी

एक-दूसरे को लगाएं प्रेम, खुशी, शांति और आनंद का रंग: बीके गीता दीदी

मुख्य समाचार
  • शांतिवन में मनाया होली उत्सव, आध्यात्मिक महत्व बताया

शिव आमंत्रण, आबू रोड (राजस्थान)। भारतीय संस्कृति में प्रत्येक त्योहार-पर्व गहरे आध्यात्मिक रहस्यों और महान संदेशों से परिपूर्ण हैं। होली उत्सव हमें संदेश देता है कि जीवन रंगों की तरह होना चाहिए। इस होली पर हम एक-दूसरे को प्रेम, शांति, खुशी, आनंद, सद्भाव, सौहार्द्र और एकता का रंग लगाएं। किसी से लंबे समय से बात नहीं हुई है, रिश्तों में गांठें पड़ गई हैं तो अपनी ओर से पहल करते हुए उसे होली की शुभकामनाएं दें। रिश्तों में जमे मैल को होली के रंग से धो डालें। इससे आपको जो आनंद और खुशी मिलेगी उसे बयां नहीं कर सकते हैं।
उक्त उद्गार बीके गीता दीदी ने व्यक्त किए। मौका था ब्रह्माकुमारीज मुख्यालय शांतिवन में होली उत्सव का। इस दौरान वरिष्ठ बहनों ने पिचकारी से गुलाबासी कर होली का आध्यात्मिक महत्व बताया।
उन्होंने कहा कि त्योहार हमें यही सिखाते हैं कि रिश्तों में आपस में जो दूरियां बन गईं हैं, संवाद की कमी से जो गलतफहमियां हो गईं हैं उन्हें त्योहार के माध्यम से दूर कर दें। आपकी छोटी से पहल से बिगड़े हुए रिश्तों फिर से जीवंत हो उठेंगे। होलिका दहन में अग्नि के समक्ष मन ही मन संकल्प करें कि मेरे जीवन की बुराई, गलत विचार, मेरी कमजोरी इस पवित्र अग्नि में जलकर नष्ट हो रही है। साथ ही कागज पर लिखकर जीवन की कोई एक बुराई आज होलिका में स्वाहा कर दें। इससे आपको मन में हल्कापन महसूस होगा। जो अतीत में घटनाएं हो चुकी हैं उन्हें भूल जाएं और आज से जीवन में नई शुरुआत करें। जीवन हमें आनंद के साथ जीने के लिए मिला है।
परमात्मा के रंग में रंग जाएं-
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके उर्मिला दीदी ने कहा कि परमात्मा कहते हैं कि आत्मा में मूल स्वरूप में खुशी, शांति, प्रेम, सुख, पवित्रता, आनंद और शक्ति यह सात विशेषताएं हैं। इन सातों बातों को अपने जीवन में शामिल कर लें और परमात्मा के रंग में रंग जाएं। परमात्मा के प्रेम का रंग ऐसा रंग है जो आत्मा में एक बार लग जाए तो वह छूटता नहीं है। होली अर्थात् मैं आत्मा परमात्मा की हो ली। बीके रुक्मिणी दीदी ने कहा कि इस होली ऐसा रंग डालें कि खुशियां बिखर जाएं। न कि खुशियां ही चली जाएं। जीवन में दूसरों को गुण, शक्तियां, खुशी देने का सुख सबसे बड़ा सुख है। अहमदाबाद से आई बालिका ने डांस की प्रस्तुति दी। गायक बीके युगरतन भाई ने होली उत्सव पर गीत गाया। इम मौके पर बड़ी संख्या में देशभर से आए भाई-बहनें मौजूद रहे। 

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