शिव आमंत्रण, माउंट आबू। ब्रह्माकुमारीज़ के स्पार्क प्रभाग द्वारा साइकोलॉजी बिहाइंड सप्रेशन विषय पर ऑनलाइन इवेंट आयोजित किया गया जिसमें बीके राजीव ने सहनशक्ति और दमन के बीच के महान अंतर को स्पष्ट किया और सप्रेशन के विभिन्न कारणों पर चर्चा करते हुए उसकी स्वयं में जांच कर उसे समाप्त करने का आहवान किया।
इस मौके पर बीके राजीव ने कहा, अगर किसी आदमी के पैर में लोहे का गोला बांध दिया जाए और उसको पहाडी पर चढने को कहा जाए तो वह चढ पायेगा? कभी नही। उसको पहले उस लोहे के गोले से निजात देना पडेगा, उसको पहले उन बेडियों से मुक्ति देनी पडेगी तो पहाड चढना सहज हो जायेगा। अध्यात्म में यह सब रुकावटे खत्म होती है और जीवन सुखमय हो जाता है, जीवन खुशहाल हो जाता है, जीवन का सही अर्थ मिल जाता है।
इसके साथ ही बीके राजीव ने महाभारत समेत अन्य उदाहरणों के ज़रिए बताया कि सप्रेशन मनुष्य को कितना दुखी, परेशान और कमज़ोर बना देता है।
सब बेडियों से आध्यात्म दिलाता है निजात जीवन बनाता है खुशहाल
June 4, 2021 मुख्य समाचारखबरें और भी
दिव्यांगता शरीर की हो सकती है, लेकिन मन और विचारों की नहीं: अंतरराष्ट्रीय पैरा तैराक लोहिया
मुख्य समाचार 30 July 2026
स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी दक्षता के साथ मानसिक- आध्यात्मिक संतुलन जरूरी
मुख्य समाचार 23 July 2026

