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मानव जीवन के मूल उद्देश्य एवं अर्थ का बोध कराता है धर्म

मानव जीवन के मूल उद्देश्य एवं अर्थ का बोध कराता है धर्म

दिल्ली राज्य समाचार

महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया इंटरफैथ मीट को संबोधित

शिव आमंत्रण,/नई दिल्ली। धर्म न केवल मानव को जीवन के उद्देश्य एवं अर्थ का बोध कराता है बल्कि जीवन की जटिलताओं को समझने में भी सहायता करता है। उक्त विचार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने व्यक्त किए। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज संस्थान द्वारा राष्ट्रपति भवन में आयोजित इंटरफैंथ मीट को सम्बोधित करते हुए ये बात कही। उन्होंने कहा कि धर्म हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रार्थना, ध्यान और धार्मिक अनुष्ठान मानव को आंतरिक शांति और भावनात्मक स्थिरता का अनुभव कराते हैं।

जीवन को सार्थक बनाते हैं – आध्यात्मिक मूल्य राष्ट्रपति ने कहा कि शांति, प्रेम, पवित्रता और सच्चाई जैसे आध्यात्मिक मूल्य ही जीवन को सार्थक बनाते हैं। इन मूल्यों से रहित धार्मिक प्रथाएं मानव का कल्याण नहीं कर सकतीं। सामाजिक समरसता और सौहार्द्र को बनाए रखने के लिए एक-दूसरे का सम्मान जरूरी है। हम जैसा व्यवहार खुद के लिए चाहते हैं, दूसरों से भी वैसा ही व्यवहार करें। सभी धार्मिक ग्रंथ प्यार की भाषा सिखाते हैं। ईश्वर सभी को समान प्यार करता है।

आध्यात्मिक सशक्तिकरण से ही 2047 तक बन पाएगा भारत विकसित राष्ट्र:- मुर्मू ने कहा कि स्वयं की विस्मृति ही दुखों का मूल कारण है। आपसी सद्भाव से ही सामाजिक ताना-बाना मजबूत होता है। भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए आध्यात्मिक सशक्तिकरण बहुत आवश्यक है। आध्यात्मिक रूप से सशक्त व्यक्ति ही आंतरिक शांति और स्थिरता का अनुभव कर सकता है। धार्मिक समभाव, एकता और देश प्रेम के भाव ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। ब्रह्माकुमारीज़ संस्था इस दिशा में एक अनुकरणीय कार्य कर रही है। संस्थान की सेवाएं सराहनीय हैं।
कार्यक्रम में टैम्पल ऑफ अंडरस्टैंडिंग के महासचिव डॉ. एके मर्चेंट, यहूदी धर्म के प्रमुख ईजेकिल इसहाक मालेकर, दिल्ली जमात ए इस्लाम हिंद के उपाध्यक्ष सलीम इंजीनियर, बौद्ध धर्मगुरु भिक्खु संघसेना, जैन मुनि आचार्य लोकेश, हरि मंदिर पटौदी के महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव महाराज, गुरुद्वारा बंगला साहेब के प्रमुख ज्ञानी रंजीत सिंह एवं रामकृष्ण मिशन पहाड़गंज, दिल्ली के सचिव सर्वलोकानंद ने भाग लिया।
ब्रह्माकुमारीज की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी जयंती दीदी, अतिरिक्त महासचिव राजयोगी बीके बृजमोहन भाई, ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी बीके आशा दीदी, जापान सेवाकेंद्रों की निदेशिका बीके रजनी दीदी, ऑस्ट्रेलिया से बीके चार्ली भाई सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। संचालन बीके हुसैन बहन ने किया।

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