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नशाखोरी एक सामाजिक बुराई है

नशाखोरी एक सामाजिक बुराई है

छत्तीसगढ़ राज्य समाचार
  • राज्य में नशामुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

शिव आमंत्रण, रायपुर (छग)। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे अभियान के तहत नशामुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारम्भ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि सरकार और सामाजिक संस्थान दोनों को मिलकर काम करने की जरूरत है। नशामुक्त समाज बनाने के लिए ब्रह्माकुमारीज़ जैसी और भी संस्थाएं आगे आएं। तो सरकार की ओर से उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी। ईश्वर ने बहुत सुन्दर दुनिया बनाई है। यहां अच्छे -अच्छे लोग रहते हैं। सभी आपस में भाई-चारे के साथ रहें। एक-दूसरे का सहयोग करें और यह दुनिया तरक्की करे। यही हम सबका उद्देश्य होना चाहिए। नशा व्यक्ति को और परिवार को बर्बादी की राह पर ले जाता है। नशा किसी के लिए भी लाभप्रद नहीं है। उन्होंने चुनाव के समय शराबबन्दी के वायदे की चर्चा करते हुए बताया कि चुनाव से पहले वह एक महिला सम्मेलन में गए थे जहां पर महिलाओं ने कहा कि शराबबन्दी होनी चाहिए तो उनके दबाव में आकर उन्होंने भी घोषणा कर दी की राज्य में शराबबन्दी होनी चाहिए, लेकिन यह कोई समाधान नहीं है। क्योंकि यहाँ शराबबन्दी करेंगे तो पड़ोसी राज्यों से शराब लाकर लोग बेचने लगेंगे। सरकार ऐसी कोई योजना लागू नहीं करना चाहती है जिससे किसी की जान चली जाए। राज्य में शराबबन्दी की बजाए नशामुक्ति के लिए अभियान चलाए जाने की जरूरत है। विधायक और राज्य में शराबबन्दी लागू करने के लिए गठित समिति के अध्यक्ष सत्य नारायण शर्मा ने कहा कि हरेक व्यक्ति जानता है कि शराब का सेवन करना उचित नहीं है फिर भी आत्म विश्वास की कमी के कारण वह उसे छोड़ नहीं पाता। गृह सचि व अरूण देव गौतम ने कहा कि यह संस्थान आध्यात्मिक ज्ञान के आधार पर लोगों को नशामुक्त कर सकता है। माउण्ट आबू से पधारे मेडिकल विंग के सचि व डॉ. बनारसी लाल शाह ने कहा कि हमारी संस्थान राज्य सरकार के साथ मिलकर नशामुक्ति अभियान को सफल बनाएगी। मुंबई के डॉ. सचिन परब ने कहा कि लोगों को जब परिवार में या जीवन में खुशी नहीं मिलती तो वह नशाखोरी करने लगते हैं। इन्दौर जोन की निदेशिका बीके हेमलता दीदी, बीके सविता दीदी ने भी विचार व्यक्त कए। भिलाई केन्द्र की निदेशिका बीके आशा दीदी ने योगाभ्यास कराया कराया। बीके मंजूषा दीदी ने बताया कि जगदलपुर में 65 आदिवासी ग्रामों में संस्थान राजयोग द्वारा नशामुक्ति के लिए कार्य कर रही है, जिससे हजारों परिवारों में खुशियां लौटी हैं। संचालन धमतरी केन्द्र की संचालिका बीके सरिता दीदी ने किया।

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