सभी आध्यात्मिक जगत की सबसे बेहतरीन ख़बरें
ब्रेकिंग
स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी दक्षता के साथ मानसिक- आध्यात्मिक संतुलन जरूरी तीरंदाजी में युवाओं ने दिखाए करतब, दिव्यांगों ने भी साधा निशाना ब्रह्माकुमारीज़ का मैनेजमेंट सराहनीय है: डॉ. सावंत ब्रह्माकुमारीज़ का नशामुक्त भारत अभियान सराहनीय है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मम्मा कहती थीं हर घड़ी अंतिम घड़ी है: राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी प्राणायाम और राजयोग से दिया तन-मन को स्वस्थ रखने का संदेश ब्रह्माकुमारीज़ के इतिहास में एक नया अध्याय लिख गईं दादी रतनमोहिनी
आज जीवन में जरूरत है साइलेंस की शक्ति की

आज जीवन में जरूरत है साइलेंस की शक्ति की

ओड़ीशा राज्य समाचार

लंदन से बीके गोपी का आनलाइन विवेचन

शिव आमंत्रण, भुवनेश्वर। जीवन में जिस शक्ति की आज जरूरत है उसका आधार साइलेंस है। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी भी कहा करती थीं कि कर्म करते हुए साइलेंस पावर जमा होनी चाहिए। ये बातें लंदन से वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके गोपी ने ओडि़शा में भुवनेश्वर सेवाकेंद्र द्वारा आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम शांति की शक्ति यानि साइलेंस पावर को कैसे जमा करें विषय पर संबोधित करते हुए कही।
इसके साथ ही बीके गोपी ने दादी जी से मिली अन्य प्रेरणाओं को भी अनुभव के रूप में साझा किया और कॉमेंट्री के माध्यम से राजयोग का सहज अभ्यास कराया ताकि लोग बड़ी सहजता से राजयोग द्वारा स्वयं को शांति की शक्ति से भरपूर बनाने का अनुभव कर सकें।
इस मौके पर बीके गोपी ने कहा, करनकरावनहार शिव बाबा तो बैठा हुआ है लेकिन आप निर्संकल्प रहेंगे तो शिवबाबा से मिली हुई शक्तियां जमा होती जाती है। शरीर से न्यारेपन की अवस्था में एक बहुत ही अलग मिठास होती है। फिर साक्षीपन की स्थिति में जाकर साक्षीदृष्टा बनेंगे तो देखते हुए भी न देखो, सुनते हुए भी न सुनो अवस्था प्राप्त होती है। आत्मा बीजरूप अवस्था में सर्वशक्तिमान बनती है, सोलह कला संपूर्ण हो जाती है। वह स्थिति ही सब काम करती है। ऐसा संघटन बनेगा तो लाइट हाऊस का अनुभव होता रहता है। सब ह्ललाइंग एंजेल बन जाते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *