सभी आध्यात्मिक जगत की सबसे बेहतरीन ख़बरें
ब्रेकिंग
स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी दक्षता के साथ मानसिक- आध्यात्मिक संतुलन जरूरी तीरंदाजी में युवाओं ने दिखाए करतब, दिव्यांगों ने भी साधा निशाना ब्रह्माकुमारीज़ का मैनेजमेंट सराहनीय है: डॉ. सावंत ब्रह्माकुमारीज़ का नशामुक्त भारत अभियान सराहनीय है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मम्मा कहती थीं हर घड़ी अंतिम घड़ी है: राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी प्राणायाम और राजयोग से दिया तन-मन को स्वस्थ रखने का संदेश ब्रह्माकुमारीज़ के इतिहास में एक नया अध्याय लिख गईं दादी रतनमोहिनी
तनाव मुक्त बनने के लिए सकारात्मक विचार है संजीवनी

तनाव मुक्त बनने के लिए सकारात्मक विचार है संजीवनी

ओड़ीशा राज्य समाचार

भुवनेश्वर के कार्यक्रम में बीके भगवान के विचार

शिव आमंत्रण, भुवनेश्वर। ओडि़शा के भुवनेश्वर में नाथपुर के प्रभु उपवन सेवाकेंद्र में सकारात्मक जीवन शैली विषय पर प्रकाश डालने के लिए माउंट आबू से वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षक बीके भगवान को आमंत्रित किया। इस मौके पर बीके भगवान ने बताया, कि सकारात्मक सोच से आत्मविश्वास बढ़ता है और आत्मविश्वास से कुछ कर गुजरने का साहस पैदा होता है। इसी साहस से उत्पन्न बल से व्यक्ति कठिन से कठिन समस्या को सुलझा लेता है। वर्तमान समय जितनी भी समस्याएं हैं उन सबका कारण है नकारात्मक सोच। नकारात्मक सोच से तनाव बढ़ता है। तनाव मुक्त बनने के लिए सकारात्मक विचार संजीवनी बूटी है।
बीके भगवान ने आगे कहा, सकारात्मक विचार से ही मुक्ति संभव है। जिस प्रकार एक बीमार न होने वाले व्यक्ति को पूरा स्वस्थ नहीं कहा जाता है उसी प्रकार एक नकारात्मक सोच न रखने वाले व्यक्ति को सकारात्मक सोच वाला नहीं कहा जा सकता। सकारात्मक सोच रखने वाले लोगों की एक अलग ही पहचान होती है। 19वीं सदी तर्क की थी, 20वीं सदी प्रगति की रही और 21वीं सदी तनाव पूर्ण होगी। ऐसे तनावपूर्ण परिस्थितियों में तनाव से मुक्त होने सकारात्मक विचारों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया, कि मन में लगातार चलने वाले नकारात्मक विचारों से दिमाग में विभिन्न प्रकार के रासायनिक पदार्थ उतरकर शरीर में आ जाते हैं। इनसे अनेक बीमारियां होती हैं। मन के नकारात्मक विचारों से मनोबल, आत्मबल कमजोर बन जाता है।
प्रभु उपवन सेवाकेंद्र प्रभारी बीके कल्पना ने कहा, मन चलने वाले नकारात्मक विचारों के कारण ही मन में घृण, नफरत, बैर, विरोध, आवेश और क्रोध उत्पन्न होता है।
समाजसेवी जगनाथ स्वाई ने कहा, वर्तमान समय हर एक को आधात्मिक सहारे की जरूरत है इसके लिए उन्होंने ब्रह्माकुमारीज के ईश्वरीय कार्य में सहयोगी बनने की बात कही।
बीके दुर्गा ने राजयोग का महत्व भी बताया और मंच संचालन किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *