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ब्रह्माकुमारीज़ ने लोगों को शांति, आत्म चिंतन और नवचेतना का अ‌वसर दिया है - Shiv Amantran | Brahma Kumaris
ब्रह्माकुमारीज़ ने लोगों को शांति, आत्म चिंतन और नवचेतना का अ‌वसर दिया है

ब्रह्माकुमारीज़ ने लोगों को शांति, आत्म चिंतन और नवचेतना का अ‌वसर दिया है

मुख्य समाचार

– वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया संबोधित
– यातायात एवं परिवहन प्रभाग के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती महोत्सव एवं रिट्रीट का शुभारंभ
– देशभर से सरकारी परिवहन विभाग, यातायात, रेलवे से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी ले रहे हैं भाग

संबोधित करते केंद्रीय पर्यटन मंत्री शेखावत।

शिव आमंत्रण, आबू रोड (राजस्थान)। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मुख्यालय शांतिवन के डायमंड हाल में यातायात एवं परिवहन प्रभाग के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती महोत्सव एवं रिट्रीट का आयोजन किया जा रहा है। रिट्रीट के शुभारंभ पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ ने लोगों को शांति, आत्म चिंतन और नवचेतना का अ‌वसर प्रदान किया है। संस्था एक दिव्य प्रकाश स्तंभ के समान है जो जीवन की उलझनों, अशांति और अंधकार में मार्गदर्शन करते हुए आत्मा को शांति और सकारात्मकता की ओर ले जाती है। प्रकाश वही दे सकता है जिसकी अपनी जिंदगी प्रकाशित हो, आलोकित हो और ऊर्जा से भरी हो। ब्रह्माकुमारीज़ एक सतत प्रेरणा है जो मानवता को भीतर से सशक्त बनाकर एक मूल्यनिष्ठ और संतुलित जीवन की दिशा दिखा रही है। अपनी इस गौरवशाली यात्रा में संस्थान ने अनेक विषयों पर काम किया है। आज लाखों लोग यहां से शांति, संतुलन और मूल्यनिष्ठ जीवन की प्रेरणा प्राप्त कर रहे हैं, जो आज सबसे अधिक समय की आवश्यकता और मांग भी है।

दीप प्रज्जवलित कर रिट्रीट का शुभारंभ करते अतिथि।

यह आत्म कल्याण के लिए आध्यात्मिक यात्रा भी है-
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि शांतिवन ने 140 देशों से आए साधकों का न केवल आत्मीय रूप से स्वागत किया है बल्कि उन्हें आत्मा के साथ जुड़ने का सुअवसर भी प्रदान किया है। शांतिवन केवल एक स्थान नहीं है अपितु असीम ऊर्जा का एक स्रोत है, जहां आत्मा को अंदर से जागने, भीतर से जुड़ने और अपने आप को फिर संवारने का सौभाग्यपूर्ण अवसर मिलता है। मेरा भी यह सौभाग्य है कि ऐसे पवित्र वातावरण में अनेक बार आने का अ‌वसर मेरी सौभाग्यशाली बहनों ने दिया है। भारत की आत्मा उसकी आध्यात्मिक विरासत में बसती है। गंगा से गीता तक, बुद्ध से महावीर तक, सूफी परंपरा से संत साहित्य तक भारत ने हमेशा जो यह संदेश दिया कि मनुष्य के जीवन की यात्रा केवल बाहरी या दैहिक यात्रा नहीं है। साथ ही साथ यह आत्म कल्याण के लिए आध्यात्मिक यात्रा भी है। भारत की अतिथि सत्कार की परंपरा जितनी प्राचीन है उतनी महान भी है। हमारे यहां अतिथि देवो भव: की परंपरा है।

ब्रह्माकुमारीज़ ने स्प्रीचुअल टूरिज्म को भी एक नई पहचान दी है-
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि यातायात एवं परिवहन प्रभाग के 25 वर्ष की गौरवपूर्ण यात्रा के लिए अनेकानेक शुभकामाएं। प्रभाग ने लोगों को आध्यात्मिकता और मूल्यों से जोड़ने की सराहनीय सेवा की है।  25 वर्ष में प्रभाग ने अपनी केंद्रित सेवाएं दी हैं।  निश्चित रूप से लोगों को अपनी जिम्मेदारी के साथ जुड़ने, जागृत करने और आध्यात्मिकता के साथ पर्यटन से जोड़ने का यह प्रयास अनुकरणीय है, अद्वितीय है, वंदनीय है, आवश्यक है और प्रेरणादायक भी है। यह एक ऐसा दृष्टिकोण है जो केवल यात्रा को डेस्टिनेशन तक पहुंचने का माध्यम नहीं बल्कि आध्यात्मिक उत्थान का अ‌वसर बना देता है। भारत और विश्वभर में फैले ब्रह्माकुमारीज़ के रिट्रीट सेंटर और नियमित योग-ध्यान कार्यक्रम स्प्रीचुअल टूरिज्म को भी एक नई पहचान दी है।

रिट्रीट में मौजूद देशभर से आए लोग।

मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मोहिनी दीदी ने कहा कि परिवार में जितने भी सदस्य हैं सभी के लिए यह आध्यात्मिक ज्ञान जरूरी है। हमें यूनाइटेड नेशन से ऑफर मिला कि आप लोग जो शांति के लिए कार्य करते हैं तो आइए और हमारे साथ मिलकर काम कीजिए। तब से यूनाइटेड नेशन, यूनिसेफ, यूनिस्को के साथ मिलकर संस्था शांति के लिए काम कर रही है। मुंबई से आए सेंट्रल रेलवे के डिवीजनल ऑपरेशनल मैनेजर अन्नय कीर्ति ने कहा कि जब मुझे पता चला कि ब्रह्माकुमारीज़ का एक यातायात एवं परिवहन प्रभाग है जो यातायात के साथ आध्यात्मिकता को जोड़ने का कार्य कर रही है तो बहुत खुशी हुई। प्रभाग की अध्यक्ष राजयोगिनी बीके दिव्यप्रभा दीदी ने कहा कि जब हमने यातायात एवं परिवहन प्रभाग की सेवाएं शुरू की तो ब्रह्माकुमारी बहनों ने प्राथमिक स्तर से मेहनत की। उन्होंने धूप में सेवा कर रहे जवानों को राखी बांधने से लेकर यातायात से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों को आध्यात्मिकता का संदेश दिया। प्रभाग ने इन 25 वर्ष की यात्रा में देशभर में अनेक अभियान निकाले और सभा-सम्मेलन के माध्यम से करोड़ों लोगों को सड़क सुरक्षा का संदेश दिया।

प्रभाग की 25 वर्ष की यात्रा के बारे में बताया-
अतिरिक्त महासचिव डॉ. बीके मृत्युंजय भाई, महाराष्ट्र से आए संजय दाबके, भरत एम. कालिसिंगे ने भी अपने विचार व्यक्त किए। स्वागत भाषण प्रभाग के उपाध्यक्ष बीके डॉ. सुरेश शर्मा ने दिया। प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका बीके कविता दीदी ने प्रभाग की 25 वर्ष की यात्रा और सेवाओं के बारे में बताया। स्वागत नृत्य मुंबई के ठाकुर विलेज ग्रुप के कलाकारों ने किया। स्वागत गीत मधुरवाणी ग्रुप के कलाकारों बीके सतीश भाई व टीम ने प्रस्तुत किया। इस दौरान मोबाइल एप मन की उड़ान और यात्री कृपया ध्यान दें के नए गीत की भी लांचिंग की गई। बीके सुवस ने रिट्रीट का उद्देश्य बताया। संचालन मुंबई की बीके संगीता दीदी ने किया।

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