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पवित्रता की दिनचर्या में रहेंगे तो पारावार नही रहेगा खुशी का

पवित्रता की दिनचर्या में रहेंगे तो पारावार नही रहेगा खुशी का

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सूक्ष्म जगत की यात्रा पर बीके चंद्रिका के विचार

शिव आमंत्रण, माउण्ट आबू। ब्रह्माकुमारीज़ के युवा प्रभाग द्वारा स्व उन्नति के लिए अभिनव कार्यक्रम बीके युवाओं के लिए दिव्य दर्पण श्रृंखला के अन्तर्गत चलाया जा रहा है जिसके तहत सूक्ष्म जगत की यात्रा विषय पर संबोधित करने के लिए विशेष रूप से युवा प्रभाग की उपाध्यक्षा बीके चंद्रिका को आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर माउंट आबू से प्रभाग के कमेटी मेंबर बीके रूपेश ने उनसे स्वउन्नति से जुड़े कई प्रश्न पूछे ताकि सभी के मन में पुरूषार्थ में तीव्रता लाने की स्पष्टता हो और स्व परिवर्तन के ज़रिए विश्व परिवर्तन का समय समीप ला सकें।
इस मौके पर बीके चंद्रिका ने कहा, शरीर के बायोलॉजी के हिसाब से दिनचर्या पर चलना बहुत आवश्यक है। नियम से सूर्योदय होता है नियम से अस्त होता है। तो पवित्रता का पहला पैलू दिनचर्या है। पवित्रता का दूसरा पैलू मन, वचन, कर्म, दृष्टि, वृत्ति, कृति सब मे संपूर्ण पवित्र रहना। इस नियम से आपकी दिनचर्या रहेगी तो आप के खुशी का पारावार नही रहेगा। हर एक आपको पूछेगा कि अरे आपको मिला क्या है आप इतने खुश नजर आ रहे हो।
बीके चंद्रिका ने विषय पर खुल कर बात करने के साथ ही कॉमेंट्री के माध्यम से राजयोग का अभ्यास भी कराया जिसका प्रभाग से जुड़े कई विशिष्ट लोगों व युवाओं ने लाभ लिया।

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