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वर्ष में कम से कम एक पेड़ लगाने का कराया संकल्प

वर्ष में कम से कम एक पेड़ लगाने का कराया संकल्प

मुख्य समाचार
  • विश्व पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में सेमीनार आयोजित
  • वैज्ञानिक, इंजीनियर और आर्किटेक्ट विंग के तहत आयोजन

शिव आमंत्रण, आबू रोड (राजस्थान)। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के आनंद सरोवर परिसर में विश्व पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में वैज्ञानिक, इंजीनियर और आर्किटेक्ट विंग द्वारा सेमीनार आयोजित किया गया। इसमें नई दिल्ली के भारतीय नौसेना के पूर्व वाइस एडमिरल सतीश कुमार घोरमड़े ने कहा कि यदि हमें पृथवी को बचाना है, पर्यावरण को बचाना है तो मिलजुलकर पेड़ लगाना होंगे। आज सभी संकल्प करें कि वर्ष में कम से कम एक पेड़ जरूर लगाएंगे। साथ ही उसकी रक्षा भी करेंगे।
इस दौरान सभी को संकल्प कराया कि मैं यथासंभव अधिक से अधिक पेड़ लगाऊंगा और उनका पोषण करूंगा। अपने जन्मदिन पर कम से कम 1 पेड़ लगाऊंगा। मैं सिंगल यूज प्लास्टिक से परहेज करूंगा और यदि आवश्यक हो तो बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक का उपयोग करूंगा। मैं धरती माता की सुरक्षा के लिए सादा जीवन और शाकाहारी सात्विक आहार अपनाऊंगा।
एसईए विंग के अध्यक्ष राजयोगी बीके मोहन सिंघल कहा कि धरती हमारी मां है, उसकी सुरक्षा हमारा परम कर्तव्य है और इस धरती पर सबसे यंगेस्ट मेंबर हैं पेड़-पौधे जो धरती मां की गोद में पलते-बढ़ते हैं। उसके बाद दूसरे नंबर पर यंगेस्ट मेंबर हैं, सांप-केंचुआ आदि जो रेंगते रेंगते धरती पर चलते हैं। तीसरे यंगेस्ट मेंबर हैं चार पैर वाले जानवर जैसे एक बच्चा थोड़ा सा बड़ा होता है तो अपने घुटनों के बल दो हाथ दो पैर से चलता। सबसे बड़ा सदस्य हैं मनुष्य तो उसका कर्तव्य है पेड़ पौधे जीव-जंतु अन्य सभी प्रजातियों की देखभाल करना।

सेमीनार में मौजूद लोगों को कराया पेड़ लगाने का संकल्प।

धरा नहीं रहेगी तो सबकुछ धरा ही रह जाएगा-
मंच संचालन करते हुए बालोतरा की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके अस्मिता बहन ने बताया कि धरा नहीं होगी तो सब कुछ धरा ही रह जाएगा। अतः धरती की सुरक्षा के लिए हम सभी दृढ़ संकल्प करें कि अधिक से अधिक पेड़ लगाएंगे। सिंगल यूज प्लास्टिक को अवॉइड करेंगे। बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक का ही उपयोग करेंगे। सादगीपूर्ण जीवनशैली और सात्विक शाकाहारी भोजन को अपना कर धरती मां की सुरक्षा के लिए अपना योगदान अवश्य करेंगे। नेपाल की निदेशिका राजयोगिनी बीके राज दीदी और सेवानिवृत्त डीजीएम (सेल) बीके नरेश गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर 500 से अधिक लोग मौजूद रहे।

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